एबीजी टेस्ट कराने के लिए अस्पताल में भटकते हैं मरीजों के परिजन

एमडीएम में कहीं मशीन तो कहीं नहीं है

By: Jay Kumar

Published: 04 Mar 2021, 06:05 PM IST

जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल में एबीजी (आर्टेरियल ब्लड गैस टेस्ट ) की विशेष जगहों पर अनुपलब्धता के चलते मरीजों के परिजनों को भटकना पड़ रहा है। इस टेस्ट को कराने के लिए अस्पताल स्टाफ द्वारा भी मरीजों को इधर-उधर ही भटकाया जा रहा है। दरअसल, आपात स्थिति में शरीर में एबीजी टेस्ट धमनियों के रक्त की अम्लता और उनमें मौजूद कार्बनडाइऑक्साइड व ऑक्सीजन का स्तर का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसकी मदद से ये पता लगाया जाता है कि फेफड़े कितने अच्छे से ऑक्सीजन को खून में पहुंचा रहे है और सीओ २ को बाहर निकाल रहे है। खून में रक्त स्तर की जांच करके मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों का पता भी लगाया जा सकता है। उसके बावजूद ये अस्पताल के महत्वपूर्ण जगहों पर नहीं हो रहा है।

एमडीएम में कहीं मशीन तो कहीं नहीं है
एमडीएमएच के मेडिकल आइसीयू में एबीजी टेस्ट नहीं हो रहा है। यहां के मरीजों को जांच के लिए सर्जिकल आइसीयू व कार्डियक थोरेसिक आइसीयू भेजा जाता है। जबकि वार्डों के मरीजों को भी इन्हीं जगहों पर भेजा जाता है। जबकि इसकी सुविधा सेंट्रल लैब पर भी नहीं है। वहीं ट्रोमा सेंटर पर भी एबीजी मशीन नहीं है। मरीजों को जहां भेजा जाता है, वहां डॉक्टर इतने जल्दी में होते हैं कि उनको ढंग से जगह तक नहीं बताते। ये टेस्ट ट्रोमा आइसीयू में होता है। वहीं अस्पताल के कोविड सेंटर पर भी मशीन पड़ी है, लेकिन कोविड में भी अभी ज्यादा काम नहीं है।

इनका कहना है...
कई जगह मशीन खराब हुई हो सकती है, वैसे इस बारे में ट्रोमा सेंटर पर बोर्ड लगवा देंगे कि एबीजी जांच ट्रोमा आइसीयू में होती है, ताकि मरीजों-परिजनों को परेशानी नहीं हो।
- डॉ. महेन्द्र आसेरी, अधीक्षक, एमडीएमएच।

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