scriptFennel Fragrance in Bilara | सौंफ ने तोड़ा रिक़ॉर्ड तो जीरे में भी तेजी बरकरार | Patrika News

सौंफ ने तोड़ा रिक़ॉर्ड तो जीरे में भी तेजी बरकरार

बाहर के व्यापारियों ने उपज खरीदारी के लिए यहां डेरा डाल रखा है। इस सीजन की सबसे ऊंची बोली 18 हजार रुपए प्रति क्विंटल सौंफ की बोली छूटी। जीरे ने तेजी पकड़ी और 25 हजार रुपए प्रति क्विंटल पर बिका।

जोधपुर

Published: April 26, 2022 09:37:30 am

सौंफ अठारह हजार, जीरा पच्चीस हजार पर बिका

बिलाड़ा (जोधपुर) . बाहर के व्यापारियों ने उपज खरीदारी के लिए यहां डेरा डाल रखा है। इस सीजन की सबसे ऊंची बोली 18 हजार रुपए प्रति क्विंटल सौंफ की बोली छूटी। जीरे ने तेजी पकड़ी और 25 हजार रुपए प्रति क्विंटल पर बिका।
सौंफ ने तोड़ा रिक़ॉर्ड तो जीरे में भी तेजी बरकरार
सौंफ ने तोड़ा रिक़ॉर्ड तो जीरे में भी तेजी बरकरार
रायड़ा 6 हजार 800 में बिका

यहां की कृषि उपज मंडी को राजस्थान की पहली सौंफ मंडी घोषित होने के साथ ही देशभर के व्यापारियों ने सौंफ खरीदी के लिए इस मंडी की ओर रुख किया है।
इन दिनों यहां जयपुर, केकड़ी के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से व्यापारी सौंफ खरीदी के लिए आए हुए हैं। अब तक आढतिये सौंफ खरीद कर अन्य मंडियों को भेजते थे लेकिन अब इन्हें सौंफ बेचने के लिए बाहर के व्यापारियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है, बल्कि बाहर के व्यापारी स्वयं यहां आकर बोली बढ़ा- चढ़ाकर खरीदी कर रहे हैं।
भावों के कारण किसान खुश

किसानों को सिर्फ कपास,जीरा, सौंफ का ही अच्छा भाव नहीं मिल रहा है बल्कि अन्य फसलों की कीमत भी एमएसपी से अधिक है। गेहूं, चना, धनिया और सौंफ के दाम भी किसानों को अच्छे मिल रहे है। मंडियों में अधिक दाम मिलने से मारवाड़ के किसान उत्साहित हैं। इस बार उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक का भाव मिल रहा है, लेकिन डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लागत बढ़ गई है।
जीरे का सीरिया कनेक्शन

जीरा एक्सपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े तेजस गांधी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारे जिले की मांग पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष 15 से 20 प्रतिशत अधिक जीरा एक्सपोर्ट हुआ है। देश से सबसे ज्यादा जीरा अमरीका, कनाडा और मध्यपूर्व के देशों में एक्सपोर्ट हो रहा है।
वैसे उनका मानना है कि हमारे यहां उत्पादित होने वाला 70 प्रतिशत जीरा स्थानीय बाजार में ही खप जाता है लेकिन 30 प्रतिशत एक्सपोर्ट होता है। गत वर्ष यहां से 90 हजार टन जीरा एक्सपोर्ट किया था और इस साल यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ेगा। वे बताते हैं कि सीरिया और तुर्की के राजनीतिक हालातों की वजह से वहां से जीरा बाजार में नहीं आ पा रहा है, जिसका यहां के किसानों को फायदा हो रहा है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर: एकनाथ शिंदे ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, देवेंद्र फडणवीस बने डिप्टी सीएमMaharashtra Politics: बीजेपी ने मौका मिलने के बावजूद एकनाथ शिंदे को क्यों बनाया सीएम? फडणवीस को सत्ता से दूर रखने की वजह कहीं ये तो नहीं!भारत के खिलाफ टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड को मिला नया कप्तान, दिग्गज को मिली बड़ी जिम्मेदारीAgnipath Scheme: अग्निपथ स्कीम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला पहला राज्य बना पंजाब, कांग्रेस व अकाली दल ने भी किया समर्थनPresidential Election 2022: लालू प्रसाद यादव भी लड़ेंगे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव! जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: शरद पवार ने किया बड़ा दावा- फडणवीस डिप्टी सीएम बनकर नहीं थे खुश, लेकिन RSS से होने के नाते आदेश मानाUdaipur Murder: आरोपियों को लेकर एनआईए ने किया बड़ा खुलासा, बढ़ी राजस्थान पुलिस की मुश्किल'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के मामले में 7 राज्यों ने किया बढ़िया प्रदर्शन, जानें किस राज्य ने हासिल किया पहला रैंक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.