कुछ घंटे पहले जेल में व्हॉट्सऐप कॉल से रची गई थी फरारी की साजिश, सूत्रधार गिरफ्तार

- फलोदी उप कारागृह से 16 बंदियों के फरारी का मामला
- बंदियों को भगाने में शामिल व एसयूवी उपलब्ध कराने का मुख्य सूत्रधार गिरफ्तार, एसयूवी भी जब्त

By: Vikas Choudhary

Published: 12 Apr 2021, 02:05 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
जिले की फलोदी में उप कारागृह से 16 बंदियों के फरार होने के मामले में फलोदी थाना पुलिस ने बीकानेर के बज्जू से रविवार को साजिश के मुख्य सूत्रधार को गिरफ्तार किया। उसी ने जेल में बंद मौसेरे भाई के साथ मिलकर जेल से फरार कराने की साजिश रची थी। वारदात में प्रयुक्त एसयूवी भी जब्त की गई है। फरार बंदियों का अभी तक पता नहीं लगा।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनिल कयाल ने बताया कि 16 बंदियों को फरार कराने के मामले में बीकानेर के बज्जू क्षेत्र से जैसलमेर जिले में नोख थानान्तर्गत मदासर निवासी मनीष कुमार सारण पुत्र मानाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। जेल से बंदियों को भगाने की साजिश का वह मुख्य सूत्रधार है। उसी ने बंदियों को भगाने के लिए एसयूवी और बोलेरो पिकअप तैयार खड़ी की थी।प्रकरण में उसकी भूमिका सामने आने के बाद तलाश शुरू की गई थी। जैसलमेर पुलिस की मदद से फलोदी थाना प्रभारी राजेश ख्यालिया व टीम ने बज्जे से उसे पकड़ा। उससे एसयूवी भी जब्त की गई।
मौसेरे भाई को भगाने के लिए रची थी साजिश
पुलिस का कहना है कि फलोदी जेल में बंद जैसलमेर के जालुवाला निवासी अनिल बिश्नोई और गिरफ्त में आया मनीष बिश्नोई मौसेरे भाई हैं। गत पांच अप्रेल को अनिल ने फलोदी जेल से मनीष को व्हॉट्सऐप कॉल किया था और जेल से फरारी की साजिश रची थी। अनिल के कहने पर मनीष रात आठ बजते ही जेल के बाहर एसयूवी व पिकअप स्टार्ट करके खड़ा हो गया था। एसयूवी में आठ बंदियों को भगाकर ले गया था। कच्चे मार्गों से होकर वह जोधपुर से बाहर निकला था और अलग-अलग जगहों पर छोड़ा था। मादक पदार्थ तस्करी में बंद अनिल के साथ साजिश में अन्य बंदी प्रदीप पुत्र बलवंताराम भी शामिल था।
ढीली सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाया
गत दो अप्रेल को फलोदी जेल की तलाशी में 11 मोबाइल, ईयर फोन व चार्जर जब्त किए गए थे। उप कारापाल सत्येन्द्र कुमार को निलम्बित किया गया था। इसके बाद सुरक्षा प्रहरियों के जिम्मे थी। रात को चार-पांच प्रहरी ही रहते हैं। जेल बंद करते समय सुस्त सुरक्षा व्यवस्था को देख अनिल बिश्नोई व प्रदीप ने फरार होने की साजिश रची थी। फिर अनिल ने मौसेरे भाई मनीष से व्हॉट्सऐप कॉल कर वाहनों की व्यवस्था कराई थी।
प्रहरियों की मिलीभगत का अंदेशा
पुलिस के कई अधिकारी मनीष से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि फरार बंदियों के सुराग मिले हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। फरारी के मामले में जेल प्रहरियों की मिलीभगत के संबंध में मनीष से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया है।
11 अधिकारियों की टीम जुटी बंदियों की तलाश में
गत 5 अप्रेल की रात आठ बजे जेल प्रहरियों को धक्का देने के बाद आंखों में सब्जी डाल 16 बंदी फलोदी उप कारागार से भाग गए थे। इनकी धरपकड़ के लिए एएसपी (फलोदी) दीपक शर्मा के साथ एएसपी (जैसलमेर), वृत्ताधिकारी (फलोदी) पारस सोनी, फलोदी थानाधिकारी राजेश ख्यालिया, निरीक्षक सुरेश चौधरी, लोहावट थानाधिकारी इमरान खान, मतोड़ा थानाधिकारी नेमाराम, ओसियां थानाधिकारी बाबूराम, जाम्बा थानाधिकारी मगाराम, चाखू थानाधिकारी राजेश कुमार व डीएसटी प्रभारी एएसआइ अमानाराम और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम जुटी हुई है।

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