पहली बार जोधपुर में दो निगम का बनेगा अलग-अलग बजट, जेडीए भी रियलिस्टिक फिगर के बजट की कर रहा तैयारी

इस बार का बजट दो भागों में होगा। नगर निगम उत्तर व दक्षिण दोनों का बजट अलग बनाया जा रहा है। साथ ही बिना बोर्ड, बिना राजनीतिक सिफारिश के बजट रखा गया है। इसमें मुख्य रूप से ड्रेनेज सिस्टम पर काम किया जाएगा।

By: Harshwardhan bhati

Updated: 18 Feb 2020, 12:43 PM IST

अविनाश केवलिया/जोधपुर. विकास की उम्मीद अभी राज्य सरकार से लेकर नगर निगम से भी है। कई बड़े प्रोजेक्ट जहां सरकार के पाले में हैं तो वहीं व्यवस्थाएं सुधारने के लिए नगर निगम व जेडीए से उम्मीद है। खास बात यह है कि नगर निगम का इस बार बजट उत्तर व दक्षिण नगर निगम के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।

इस बार बजट में यह होगा खास
इस बार का बजट दो भागों में होगा। नगर निगम उत्तर व दक्षिण दोनों का बजट अलग बनाया जा रहा है। साथ ही बिना बोर्ड, बिना राजनीतिक सिफारिश के बजट रखा गया है। इसमें मुख्य रूप से ड्रेनेज सिस्टम पर काम किया जाएगा। सफाई और सडक़ों पर अधिक राशि खर्च होगी। साथ ही निगम बजट को रियलिस्टिक किया जाएगा।

शहरी सरकार के बजट से यह उम्मीदें
इस बार दो भागों में बंटा बजट करीब 400 करोड़ के आस-पास रहने की उम्मीद है। शहर के प्रमुख नालों के साथ हेरिटेज विकास के लिए अलग से बजट प्रस्तावित होने की उम्मीद है। इसके अलावा कचरा निस्तारण प्रक्रिया के लिए भी अलग से बजट प्रस्तावित किया जा सकता है।

बोर्ड पास नहीं करेगा
बोर्ड के सभी अधिकार प्राधिकारी अधिकारी सुरेश कुमार ओला को दिए गए हैं। ओला ने बताया कि निगम के सभी विंग की एक कमेटी बनाई गई है। जिसकी बैठक इसी सप्ताह होगी। इसके बाद 28 फरवरी से पहले स्वायत्त शासन विभाग को बजट फाइनल कर भेजना है।

पिछले बजट की खास बातें
पिछले बोर्ड का अंतिम बजट 719 करोड़ का था जो कि वर्ष 2018-19 के बजट से 16 करोड़ रुपए कम था। खास बात यह है कि चुनावी वर्ष के बजट में हर वार्ड को 50-50 लाख रुपए विकास करवाने के लिए प्रस्तावित किए गए। लेकिन वार्डों में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया।

जेडीए के बजट की उम्मीद
जेडीए में पिछले कई सालों से बजट का आंकड़ा काफी बड़ा रखा जाता था। लेकिन पिछले बार तत्कालीन आयुक्त गौरव अग्रवाल ने पहल करते हुए रियलिस्टिक बजट पेश किया। पिछले बार 425 करोड़ का कुल बजट पेश किया गया जो कि पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम था। इससे पहले 700 करोड़ से लेकर 12 सौ करोड़ के बीच बजट का आंकड़ा रहता था। लेकिन वास्तविक खर्च 25 करोड़ से 150 करोड़ के बीच ही रहता है। इसलिए इस बार भी रियलिस्टिक बजट ही जारी होने का अनुमान है। हालांकि यह बजट नए वित्तीय वर्ष में ही जारी होगा।

इन तीन बातों पर रहेगा फोकस
1. ड्रेनेज सिस्टम - इस बजट में 38 ऐसे पॉइंट जो ड्रेनेज सिस्टम में सुधार करेंगे उनको शामिल किया जा सकता है। साथ ही तीन नाले जिनका निर्माण बहुप्रतीक्षित है वह शहरी सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रख चुकी है।
2. हेरिटेज विकास - भीतरी शहर में हेरिटेज स्पॉट और हेरिटेज वॉक को विकसित करने का काम आगामी बजट में शामिल किया जा सकता है।
3. कचरा निस्तारण : सफाई पर ज्यादा फोकस हो सकता है। कचरा संग्रहण और मॉनिटरिंग के साथ निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जा सकती है। इसके लिए बड़ी कंपनियों के साथ आगामी वर्ष में एमओयू की संभावना है।

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