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चौदहवें दिन भी थमे रहे रोडवेज बसों के पहिए

फलोदी. राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल रविवार को लगातार चौदहवें दिन व फलोदी डिपो के कर्मचारियों का धरना आज सोलहवें दिन भी जारी रहा।
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चौदहवें दिन भी थमे रहे रोडवेज बसों के पहिए

फलोदी. राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल रविवार को लगातार चौदहवें दिन व फलोदी डिपो के कर्मचारियों का धरना आज सोलहवें दिन भी जारी रहा। रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों के समान सातवां वेतनमान, वेतन, भत्ते व पेंशन देने, रिक्त पदों को भरने, नई बसें चलाने, बकाया पेंशन एवं अन्य भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों पर २७ जुलाई को हुए समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की है। हड़ताल के चलते राजस्थान पथ परिवहन निगम के केन्द्रीय बस स्टैण्ड फलोदी में सन्नाटा पसरा रहा। रोडवेज की हड़ताल के कारण दूर दराज से सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बसों की जानकारी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं रोडवेज की हड़ताल के कारण निजी बस चालकों व अन्य साधनों वाले की चांदी हो रही है। मजबूरी में लोगों को मुंहमागे किराए देकर गंतव्य स्थान पर जाना पड़ रहा है। एेसे में रोडवेज की हड़ताल अब लोगों की बड़ी समस्या बनती जा रही है।

रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से यात्री परेशान

पुन्दलू ़ रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से यात्री परेशान हो रहे है। वहीं निजी बस वाले मनमर्जी से भाड़ा वसूल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बोरून्दा से बिलाड़ा, वाया सोजत होते हुए पाली जाने वाली व बोरून्दा से रणसीगंाव, खेजड़ला, पीपाड़सिटी होते जोधपुर जाने वाली एवं बोरून्दा से मेड़ता, अजमेर, जयपुर जाने वाली रोडवेज बसें पिछले दो सप्ताह से बन्द होने से यहां से यात्रियों को परेशानी हो रही है। कई गंावों में तो निजी बस का मिलना ही मुश्किल हो रहा है। इससें यात्रियों की उलझन और अधिक बढ़ गई। इनमें कई ग्रामीण सरकारी कार्यालयों में भी समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसी प्रकार कई गांवों के विद्यार्थी भी स्कूल जाने के लिए रोडवेज पर ही आश्रित हैं, वे भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। निसं