जोधपुर में बैठ अमरीकियों को ठगा, २० गिरफ्तार

Vikas Choudhary

Updated: 16 Nov 2019, 12:00:25 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
बैंक अधिकारी बन खाते से रुपए निकालने के बाद शातिरों ने कॉल सेंटर के जरिये ऋण दिलाने के नाम पर अमरीकी नागरिकों को ठगना शुरू कर दिया। जयपुर इंटेलीजेंस ब्यूरो की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार को बासनी थानान्तर्गत सरस्वती नगर स्थित दो कॉल सेंटर पर दबिश देकर दो मास्टर माइण्ड सहित २० युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सीमा सुरक्षा बल से बर्खास्त ओमप्रकाश विश्नोई (जालोर) ब्ल्यूटूथ से नकल कराने वाली गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रीति चन्द्रा के अनुसार सरस्वतीनगर में कृषि मण्डी के सामने डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास संचालित कॉल सेंटर से ऋण दिलाने के बहाने अमरीकी नागरिकों से ठगी करने की आइबी की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) उमेश ओझा के नेतृत्व में टीमें गठित कर गुरुवार देर रात कॉल सेंटर पर दबिश देकर दो मास्टर माइण्ड सहित बीस युवकों को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ व जांच के बाद शुक्रवार को जालोर की भीनमाल तहसील में बासड़ा धनजी निवासी मास्टरमाइण्ड ओमप्रकाश (३७) पुत्र प्रेमाराम बिश्नोई व आबूरोड में रीको थानान्तर्गत सोज हाउसिंग कॉलोनी निवासी प्रकाश (२७) पुत्र उमेश पाण्डेय, सरस्वती नगर स्थित फ्लेट में संचालितकॉल सेंटर में कार्यरत मूलत: बिहार हाल आबूरोड में रीको कॉलोनी निवासी संजीव कुमार पुत्र अर्जुन प्रसाद कुर्मी, आबूरोड में वृंदावन कॉलोनी निवासी देवांस पुत्र पंकज भारद्वाज व यथार्थ पुत्र पंकज भारद्वाज, आबूरोड में गांधी नगर स्कूल के पीछे निवासी आशीष पुत्र मेलवीन, कटक (उड़ीसा) निवासी राहुल पुत्र सम्पूर्णानंद द्विवेदी, जालोर में झाब थाना क्षेत्र के भूतेल गांव निवासी कैलाश कुमार पुत्र चौथाराम बिश्नोई, सांचौर थानान्तर्गत सरनाऊ गांव निवासी विकास कुमार पुत्र मोहनलाल बिश्नोई, आबूरोड निवासी अमन पुत्र विपिन बिश्नोई और आबूरोड में सातपुर निवासी योगेश पुत्र धर्माराम लोहार और किराए के मकान में बने कॉल सेंटर से मेघालय निवासी सिलनग डी मोमिन पुत्र बिर्लियन्ट के मार्क, नासिक निवासी स्वपनिल रामेश्वर बहारवाल पुत्र रामेश्वर, अभिजीत अक्षय सुबुधी पुत्र अक्षय सुबुधी व केविन योगेश पुत्र योगेश संघानी, गुजरात में कापड़वंज खेड़ा के मोटा नागरवाड़ा निवासी शर्मा अनुज पुत्र श्री शर्मा रामोती, आबूरोड में कुम्हारवाड़ा ब्लॉक-१ निवासी ज्यूलियस पुत्र रावसिंह, डूंगरपुर में चिकली निवासी पुष्पेन्द्रसिंह पुत्र तेजसिंह, गुजरात में बेरावल निवासी कुनाल शर्मा पुत्र अरविंद खारवा और आसाम निवासी अर्जुन पुत्र राजू को भी गिरफ्तार कर पांच-पांच दिन के रिमाण्ड पर लिया गया।
टीम में चौहाबो थानाधिकारी आनंदसिंह, प्रतापनगर थानाधिकारी अमित सिहाग, सरदारपुरा थानाधिकारी लिखमाराम और बासनी थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह देवड़ा शामिल थे।
११ मोबाइल व नौ लेपटॉप, बीस मोबाइल जब्त
कॉल सेंटर से धोखाधड़ी मामले में दो एफआइआर दर्ज की गई है। एक कॉल सेंटर से ११ लेपटॉप, सात मोबाइल, कई हेड फोन, दूसरे कॉल सेंटर से नौ लेपटॉप, आठ हेड फोन, सात लेपटापॅ चार्जर, दो आउटर केबल, नेट की एक छतरी और नौ मोबाइल जब्त किए गए हैं।
अमरीका के सभी मोबाइल नम्बर का डाटा उपलब्ध
एडीसीपी उमेश ओझा ने बताया कि ओमप्रकाश बिश्नोई व प्रकाश पांडेय गिरोह के मास्टर माइंड हैं। इन्होंने दो वेबसाइट से अमरीका के सभी लोगों के मोबाइल नम्बर के डाटा प्राप्त किए। इनमें से सौ मोबाइल नम्बर चयन कर कॉल सेंटर वाले युवकों को दिए जाते थे। ऋण चाहिए क्या?
कॉल सेंटर शाम सात बजे से देर रात तक चलता था। यहां कार्यरत युवकों को रोज सौ अमरीकन नागरिकों को शिकार बनाने का टारगेट दिया जाता था। युवक इन्हें टेक्स्ट नाऊ एप में वॉइस कॉल या एसएमएस भेजकर कहते, ऋण चाहिए क्या? जिन्हें ऋण की जरूरत होती वो इनके जाल में फंस जाता। ऋण दिलाने से पूर्व ही फाइल व सर्विस चार्ज नाम के १००-१५० डॉलर आइ टयूंस, वॉल मार्ट गिफ्ट कार्ड, गूगल प्ले या गिफ्ट कार्ड के तौर पर जमा कराते थे। राशि जमा होते ही मास्टर माइण्ड के पास संदेश आ जाते। इस डॉलर को अमरीका में मौजूद बिट कॉइन के मर्चेंट (दलाल) से रुपए में कन्वर्ट कर हवाला अथवा किसी फेक खाते में जमा कराकर प्राप्त कर लेते थे। मर्चेंट ४० प्रतिशत कमीशन लेकर ६० प्रतिशत लौटाते थे। ऋण के लिए सम्पर्क करने पर ठग गैंग अमरीकी नागरिकों को टरका देते थे।
एक दिन में अधिकतम पन्द्रह सौ डॉलर
कॉल सेंटर से प्रतिदिन चार-पांच अमरीकी नागरिकों से पांच सौ से साढ़े सात सौ डॉलर तक वसूले जा रहे थे। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि ठगों ने एक दिन में अधिकतम पन्द्रह सौ डॉलर ठगे थे। कॉल सेंटर में कार्य करने वाले प्रत्येक युवक को प्रतिदिन १५-१५ मोबाइल नम्बर दिए जाते थे। इन्हें १२ हजार से १५ हजार तक तनख्वाह और खाने की सुविधा भी थी। इनके लिए केबीएचबी में मकान किराए पर ले रखा था। अंदेशा है कि इन्हें कमीशन भी मिलता था। फ्लैट में छह माह और किराए के मकान वाला कॉल सेंटर डेढ़ माह से चल रहा था। जोधपुर पुलिस की सूचना पर सिरोही जिले में पालड़ी एम व उदयपुर में भी कॉल सेंटर पर कार्रवाई की गई। आइबी की इन पर लंबे समय से नजर थी।
ब्ल्यूटूथ से नकल व अफीम तस्करी में शामिल
पुलिस का कहना है कि नोएडा, दिल्ली, अहमदाबाद में कार्रवाई के बाद गिरोह ने जोधपुर में सेंटर बना लिए थे। इन्हें तेज इंटरनेट की जरूरत होती है।

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