पांच घंटे बैठी मानवाधिकार आयोग की पूर्ण पीठ, 407 प्रकरण सुने

- पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायते सबसे अधिक

- कलक्ट्रेट की शिकायतों से संबंधित रिपोर्ट में विलंब पर नाराजगी भी जताई

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 04 Mar 2021, 09:35 PM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर।
मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की अध्यक्षता में पूर्ण पीठ ने डीआरडीए सभागार में पांच घंटे लगातार प्रकरणों की सुनवाई की। जस्टिस व्यास ने एक-एक परिवादी से बातचीत कर प्रकरण को सुना और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। व्यास ने कहा कि मानवाधिकार आयोग सदैव यह प्रयास करता है कि वंचित व पिछड़े तबको सहित किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो और वह संविधान के अनुरूप अपना जीवन यापन कर सके।

परिवादियों की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में जब यह तथ्य सामने आया कि झूठी एफआइआर दर्ज होने के कारण एक व्यक्ति को मानहानि का सामना करना पड़ा। समाज में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई। इस पर जस्टिस व्यास ने कहा कि झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्तियों को हतोत्साहित करने के लिए कानून के अनुसार उन पर कार्रवाई की जाए जिससे किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि धूमिल न हो। उन्होंने जेल अधिकारियों से जेल में मोबाइल फोन पाये जाने की घटनाओं को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए। कैम्प कोट में सूचीबद्ध 267 प्रकरणों के अलावा 140 नए प्रकरणों पर भी सुनवाई की।
बैठक में आयोग के सदस्य जस्टिस महेश चन्द्र शर्मा, सदस्य महेश गोयल, रजिस्ट्रार ओमी पुरोहित, उप सचिव सीमा शर्मा, डॉ दीपा जैन, संभागीय आयुक्त राजेश शर्मा, जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह के साथ आयोग के राजीव शर्मा, गणपत शर्मा, महेश पारिक, रामपाल, रवि पुरोहित उपस्थित थे।

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