गणपति बप्पा मोरिया....अगले बरस तू जल्दी आ...

 

प्रतिबंध के बावजूद जलाशयों में हुए गणपति विसर्जन, इन्द्रदेव ने भी किया अभिषेक

By: Nandkishor Sharma

Published: 20 Sep 2021, 11:47 AM IST

जोधपुर. अनंत चतुर्दशी को सूर्यनगरी के जलाशयों और घरों के जलपात्रों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही 10 दिवसीय गणपति महोत्सव का समापन हो गया। अनंत चतुर्दशी को सुबह सूर्यनगरी में लगातार बारिश के कारण इन्द्रदेव ने भी गणपति का जलाभिषेक करते रहे। शहर के कोने-कोने से लोग दुपहिया वाहनों, कारों, जीपों, लोडिंग टैक्सियों में गणपति विसर्जन के लिए कायलाना व आसपास के जलाशयों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। कायलाना जलाशय में प्रतिबंध के कारण कई लोग गुपचुप तरीके से गौरेश्वर महादेव मंदिर जलाशय व कायलाना में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करते रहे।

वीरान नजर आया गुलाब सागर
अनंत चतुर्दशी को गणपति प्रतिमाओं के मुख्य विसर्जन स्थल गुलाब सागर जलाशय पर लगने वाला दर्शनार्थियों का मेला इस बार नदारद रहा। मुंबई के गिरगांव चौपाटी से नजर आने वाला गुलाब सागर लगातार दूसरे वर्ष अनंत चतुर्दशी को भी वीरान रहा। कड़े सुरक्षा इंतजाम के कारण गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन इस बार गुलाब सागर में नहीं हो सका। अनंत चतुर्दशी को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करने लोग गुलाब सागर सहित, कायलाना रोड अखेराज का तालाब, राम तलाई नाडी, गुरों का तालाब, लाल सागर, उम्मेद सागर, कायलाना, सूरसागर खरबूजा बावड़ी, सिवांचीगेट गढ्ढी एवं मंडोर नागादड़ी पहुंचते रहे। कुछ लोग विसर्जन में कामयाब रहे तो कुछ पुलिस की सख्ती के कारण मायूस भी हुए। कई लोगों ने गणपति प्रतिमाएं पीपल के पेड़ के नीचे रखकर पूजा अर्चना की। उम्मेदसागर सूखा होने के बावजूद लोग पानी की तलाश करते रहे। जलाशय के कुछ गढ्ढों में वर्षा जल भरा होने के कारण लोगों ने उसी में गणपति विसर्जन किया। प्रतापनगर क्षेत्र में स्थापित गणपति प्रतिमाओं को गाजे-बाजों-ढोल ढमाकों के साथ विदाई देने के लिए बाकायदा हाथी, घोड़े व पालकी भी मंगवाई गई।

रामतलाई नाडी

मंडोर चैनपुरा मगरा क्षेत्र की रामतलाई नाडी परिसर में प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक के कारण जलाशय के दीवार पर ही जलाशय के जल से अभिषेक कर रख दिया गया। रामतलाई संस्था के बलवीर भाटी व रणछोड़ परिहार के संयोजन में मूर्तियों के जलाभिषेक में सहयोग किया गया।

-पुड्च्या वर्षी लौकरया..
महाराष्ट्र समाज जोधपुर की ओर से कोविड गाइडलाइन पालना के साथ मनाए गए इॅको फ्रेण्डली गणपति महोत्सव का समापन परिसर में अस्थाई जलपात्र में गणपति प्रतिमा विसर्जन के साथ किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं व बच्चों ने गणपति बप्पा मोरिया..पुड्च्या वर्षी लौकरया..की कामना की।

विदाई से पूर्व बप्पा से मांगी मनौतियां

शहर के विभिन्न जलाशय पर विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं, युवतियां व बच्चे प्रतिमा विसर्जन से पूर्व गणपति प्रतिमा के कान में कुछ कहकर मनौतियां मांगती नजर आई। पुलिसकर्मियों की तैनातगी से पूर्व सुबह 11 बजे से पहले कई लोगों ने प्रतिमाओं का विसर्जन गुपचुप तरीके से किया गया।

मंदिरों में हुए अभिषेक
अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में रविवार को सूर्यनगरी के प्रमुख गणेश मंदिरों में प्रतिमाओं का अभिषेक एवं ऋतुपुष्पों का शृंगार किया गया। रातानाडा स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में केवल पुजारी परिवार के सदस्यों ने गणपति प्रतिमा का 151 किलो दूध और पंचामृत अभिषेक किया गया। मंदिर पुजारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वर्ष में केवल एक बार ही गजानंदजी का चरण अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के बाद रिद्धि-सिद्धि सहित गणपति का महाशृंगार कर 1008 गणपति स्तोत्र से भोग अर्पण कर शाम को महाआरती की गई।

11 जलाशयों और 108 प्रकार की औषधियों से अभिषेक

कैलाशेश्वर महादेव मंदिर वीर मोहल्ला में गणपति मूर्ति का 11 जलाशयों और 108 प्रकार की औषधियों से अभिषेक किया गया। जिसमें अभिषेक व्यास, चिन्मय जोशी, राकेश कल्ला, विकास मूथा, राकेश व्यास, आशीष, गोपाल मूथा, आशुतोष पुरोहित ने महाआरती कर देश में खुशहाली की प्रार्थना की।

Patrika
Nandkishor Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned