फफकते हुए बोलीं, नहीं रहना बुजुर्ग के साथ

 फफकते हुए बोलीं, नहीं रहना बुजुर्ग के साथ

| Updated: 16 Jan 2015, 12:09:00 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

पचपन साल के बुजुर्ग से बेमेल व बाल विवाह निरस्त करने के लंबित प्रकरण में मंगलवार...

जोधपुर। पचपन साल के बुजुर्ग से बेमेल व बाल विवाह निरस्त करने के लंबित प्रकरण में मंगलवार को 16 वर्षीय बालिका ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ में पेश होकर त्वरित न्याय की गुहार लगाई।

इस दौरान बालिका फफक-फफक कर रो पड़ी। मुख्य न्यायाधीश सुनील अम्बवानी ने सारथी ट्रस्ट को कहा कि आप बालिका की काउंसलिंग कीजिए, मैं त्वरित न्याय को देखता हूं...।

ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी कृति भारती ने अदालत की कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित होकर बालिका की पीड़ा बताई। बालिका भानु (बदला हुआ नाम) का बाल विवाह उसके दादा ने पांच बच्चों के पिता जैसलमेर भारेवाला निवासी रामचन्द्र पंवार से ढाई साल पहले कराया था।

इसको निरस्त करने के लिए उसने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 3 (2), 4 व 8 के तहत 25 नवम्बर 2013 को मामला दर्ज करवाया।

एक साल तक पारिवारिक न्यायालय संख्या-1 में वाद लंबित रहने और प्रक्रिया को तलाक की भांति चलाए जाने से बालिका अवसादग्रस्त हो गई। ट्रस्ट मंगलवार को बालिका को लेकर मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश जयश्री ठाकुर की खण्डपीठ के समक्ष पेश हुआ।

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