ग़ुजरात का सर्वोच्च साहित्यिक 'कवि काग पुरस्कार जसोल को

संत मोरारी बापू 16 मार्च को करेंगे पुरस्कार प्रदान

By: Nandkishor Sharma

Published: 12 Feb 2021, 11:37 PM IST

जोधपुर.भारतीय कवि, लेखक, गीतकार और पद्मश्री से सम्मानित दुला भया काग के नाम से गुजरात का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार 'कवि काग अवार्ड इस वर्ष बाड़मेर जिले के जसोल गांव में जन्मे वरिष्ठ साहित्यकार, हिन्दी, राजस्थानी के ख्यातनाम लेखक, सम्पादक, अनुवादक एवं मारवाड़ रतन सम्मान से सम्मानित नाहरसिंह जसोल को प्रदान किया जाएगा।

35 पुस्तकों का लेखन कर चुके जसोल

वरिष्ठ साहित्यकार नाहरसिंह जसोल की ओर से अब तक हिन्दी, राजस्थानी, इतिहास, साहित्य व संस्कृति से ओतप्रोत लगभग 35 पुस्तकों का लेखन, सम्पादन व अनुवाद किया जा चुका है और 85 वर्ष की अवस्था में भी निरन्तर लेखन कार्य जारी रखे हैं। उन्हें अवार्ड की घोषणा होने पर राजस्थानी साहित्य जगत में हर्ष की लहर छा गई है। इस अवसर पर डॉ. मनोहरसिंह राठौड़, डॉ. आईदानसिंह भाटी, डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर, डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित, डॉ. गजादान चारण, गिरधरदान चारण सहित अनेक राजस्थानी रचनाकारों ने उन्हें बधाई प्रेषित की।

आध्यात्मिक कविता पर कार्य
गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के सोढ़वड़ी गांव में चारण (गढ़वी) परिवार में जन्मे दुला भाय काग को मुख्य रूप से आध्यात्मिक कविता पर कार्य के लिए जाना जाता है। भारत सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 1962 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके परिवार की ओर से गठित ट्रस्ट में पद्मश्री दुला भाय काग के नाम से कई चैरिटी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसी ट्रस्ट की ओर से लोक गायकों और लोक साहित्यकारों को संगीत और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिवर्ष 'कवि काग अवार्डÓ से सम्मानित किया जाता है। प्रतिवर्ष यह पुरस्कार संत मोरारी बापू के हाथों प्रदान किया जाता है। इस वर्ष पुरस्कार समारोह का आयोजन 16 मार्च को भावनगर स्थित आश्रम में किया जाएगा।

Nandkishor Sharma Desk
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