लुप्त होने के कगार पर पंहुचा गुलाबसागर तालाब फिर से होगा जीवंत

लुप्त होने के कगार पर पंहुचा गुलाबसागर तालाब फिर से होगा जीवंत
फलोदी के गुलाबसागर तालाब पर चल रहा कार्य

Mahesh Soni | Updated: 26 Jul 2019, 05:23:29 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
फलोदी. कभी शहर के प्राचीन व ऐतिहासिक जलस्रोतों में शुमार रहा गुलाबसागर तालाब समय की मार व अनदेखी के चलते दुर्दशा का शिकार बना हुआ है तथा यह प्राचीन तालाब लुप्त होने के कगार पर जा पंहुचा है। अब फलोदी नगरपालिका, समस्त महाजन संस्थान मुंबई, वृक्ष मित्र, शिवसर बचाओ संघर्ष समिति, जेआरएस फाउंडेशन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर तालाब सूरत बदलने के लिए कदम उठाया है।


गुलाबसागर तालाब के आस-पास व भीतर में भारी मात्रा में झाडिय़ां उग गई है। जिससे यह तालाब अब तालाब जैसा दिखता ही नहीं है। तालाब के संरक्षण को लेकर की गई पहल में सबसे पहले झाडिय़ों की सफाई करवाने का कार्य शुरू किया गया। है। सफाई के लिए नगरपालिका द्वारा एक व समस्त महाजन संस्थान द्वारा दो जेसीबी उपलब्ध करवाई है। जिससे यहां उगी भारी मात्रा में झाडिय़ों को हटाकर सफाई करवाई जा रही है। यहां भामाशाहों द्वारा राशि उपलब्ध करवाई जा रही है तथा कार्यकर्ता भी राशि एकत्रित करने का प्रयास कर रहे है।
गुलाबसागर तालाब को मूल स्वरूप में लाने के लिए यहां झाडिय़ों की सफाई के बाद खुदाई करवाई जाएगी। उसके बाद पाल पर स्थित प्राचीन कमरों की मरम्मत व घाटों का पुनर्निर्माण करवाने की योजना है। साथ ही तालाब के चारों ओर सघन पौधरोपण किया जाएगा। इस अभियान में रमेश थानवी, रामदयाल थानवी, सम्पत चाण्डा, राजेश बोहरा, डॉ. दिनेश शर्मा, रमेश व्यास, मुरारीलाल थानवी, लक्ष्मीनारायण गुचिया, विजय पालीवाल, झूम्बरलाल जोशी, जयराम गज्जा,रविन्द्र जैन, राजेन्द्र चाण्डा सहित कई पर्यावरण प्रेमी सेवाएं दे रहे है। (कासं)
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