तंत्र-मंत्र से सास को प्रभावित करने के बहाने शराब पिलाकर की थी हत्या

- दामाद की हत्या के लिए सास के पांच लाख रुपए की सुपारी देने का मामला
- कपड़े सिलाई करने वाले तांत्रिक को पहले से 2.50 लाख रुपए उधार दे रखे थे, शेष 2.50 हत्या के बाद देने थे

By: Vikas Choudhary

Published: 05 Aug 2021, 12:47 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
मण्डोर थानान्तर्गत मदेरणा कॉलोनी में मेहनत मजदूरी करने व निम्न रहन-सहन वाले दामाद की हत्या करने के आरोपी सिलाई दुकानदार तंत्र-मंत्र भी करता था। हत्या के लिए पांच लाख रुपए में सुपारी लेने के बाद उसने हत्या के लिए तंत्र-मंत्र की आड़ ली। मदेरणा कॉलोनी स्थित ससुराल में पत्नी से मिलकर निकले दामाद को सिलाई दुकान व तांत्रिक तंत्र-मंत्र से सास को प्रभावित करने के बहाने अपनी दुकान में ले गया था। फिर शराब पिलाकर पेचकस से सिर में वार और गला घोंटकर हत्या की थी। मण्डोर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया।
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर ने बताया कि मघजी की घाटी निवासी मृतक विनोद ओड ने मदेरणा कॉलोनी की युवती से प्रेम विवाह किया था। उसके मजदूरी करने व निम्न रहन-सहन से सास शादी से खुश नहीं थी। इसलिए विनोद फल-फ्रूट व सब्जी या कपड़े की दुकान खोलना चाहता था। आरोपी जब्बरसिंह तंत्र-मंत्र भी करता है। वह विनोद को तंत्र-मंत्र से परेशनी दूर करने के बहाने अपनी दुकान में ले गया था। उसने शुक्ल पक्ष में दुकान शुरू करने की नसीहत दी थी। फिर शराब पिलाकर हत्या की थी।
एक-एक दिन रिमाण्ड मिला, टैक्सी बरामद
थानाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार मदेरणा कॉलोनी निवासी ग्यारसी देवी पत्नी पीरसिंह ओड़, जब्बरसिंह पुत्र रामसिंह राजपुरोहित व धनराज पुत्र विष्णु गिरी गोस्वामी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक-एक दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। हत्या के बाद शव झाडिय़ों में फेंकने में प्रयुक्त धनराज की चार पहिया टैक्सी बरामद की गई है। पेचकस व प्लास्टिक रस्सी बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ढाई लाख उधार दिए थे, शेष हत्या के बाद देने थे
आरोपी जब्बरसिंह सिलाई के साथ तंत्र-मंत्र भी करता था। इसी के चलते ग्यारसीदेवी उससे प्रभावित हुई थी। जब्बरसिंह ने उससे ढाई लाख रुपए ब्याज पर उधार ले रखे थे। दामाद की हत्या के लिए ग्यारसी ने उससे पांच लाख रुपए में सुपारी तय की थी। ढाई लाख रुपए उधार वाले लौटाने नहीं थे। शेष ढाई लाख रुपए हत्या के बाद देने थे। जब्बरसिंह ने हत्या में धनराज को भी शामिल कर लिया था। तंत्र-मंत्र के बहाने ही विनोद को दुकान में ले गया था। परेशान करने वाली आत्मा को शरीर से निकालने के लिए शराब पिलाई थी। तंत्र क्रिया के लिए उसे श्रीफल देकर सिर नीचे करने को कहा तो जब्बर सिंह ने पेचकस से सिर में वार कर दिए थे। फिर रस्सी से गला घोंट दिया था।

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