जोधपुर के इस आरओबी के साथ छेड़छाड़ को हाईकोर्ट ने बताया बड़ा नुकसान, जताई नाराजगी

सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका की सुनवाई में जेडीए व एनएचएआई पर जताई नाराजगी

 

By: Harshwardhan bhati

Published: 09 Dec 2017, 03:51 PM IST

RP Bohra/जोधपुर. शहर में कितने साल बाद ढंग की चीज बन रही थी, आपने बडे़ लोगों के प्रभाव में आकर इसकी गत बिगाड़ दी। शहर का कितना बड़ा नुकसान कर दिया आपने। यह मौखिक टिप्पणी राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संगीतराज लोढ़ा व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने जेडीए व एनएचएआई के अधिकारियों पर की। महेन्द्र लोढ़ा बनाम सीएस राजन अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने जहां रिक्तिया भैरूजी, खतरनाक पुलिया के निर्माण में प्रभावशाली लोगों की जमीन बचाने के चक्कर में सरकार की ओर से स्वीकृत जमीन से कम आवाप्ति करते हुए डिजाइन बिगाडऩे पर नाराजगी जताई।

 

खंडपीठ ने अधिकारियों को आरओबी के अगल-बगल से निकलने वाली सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके लिए पूर्व में स्वीकृत जमीन की आवाप्ति करने बाबत प्रोजेक्ट अगली सुनवाई में १४ दिसम्बर को पेश करने के निर्देश जारी किए। साथ ही द्वितीय रिंगरोड की सुनवाई से पहले प्रथम रिंग रोड जो कि अब तक अधूरी है, विशेष रूप से शताब्दी सर्किल से न्यू हाईकोर्ट बिल्डिंग के सामने से गुजरने वाली सड़क को ८ लेन, फुटपाथ व दोनों ओर नियमानुसार हरियाली के साथ तैयार करने के भी निर्देश दिए।


इस लिए दायर हुई अवमानना याचिका

वर्ष २००७ तक हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की ओर से जनहित में जारी निर्देशों को पूरा नहीं करने पर सरकार के खिलाफ दायर की गई इस अवमानना याचिका में शुक्रवार को शहर की द्वितीय रिंगरोड की सुनवाई होनी थी। इसके लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कहा कि रिंगरोड की जिम्मा एनएचएआई के पास है। एेसे में दोपहर में दुबारा सुनवाई हुई तथा एनएचएआई के निदेशक एसके मिश्रा प्रोजेक्ट के साथ पेश हुए। पशुबाड़ों व तालाब की राशि का क्या हुआ याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अशोक छंगाणी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शहर से पशु डेयरियों को नहीं हटाया जा रहा है। शहर में आवारा पशुओं की भरमार है। पशुओं को नगर निगम के कर्मचारी पकड़ते हैं और पैसा लेकर छोड़ देते हैं। इस पर खंडपीठ ने कहा कि समय सीमा तय करते हुए पशु डेयरियों को शिफ्ट किया जाए। छंगाणी ने शहर में २५ करोड़ की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाने में सरकारी ढीलाई का मामला भी उठाया।

Harshwardhan bhati
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned