बीएसटीसी से पहले आरटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी भी शिक्षक भर्ती में नियुक्ति के पात्र

हाईकोर्ट ने दिए छह सप्ताह में टीचर्स ग्रेड तृतीय लेवल प्रथम भर्ती 2016 में नियुक्ति देने के निर्देश

 

By: Harshwardhan bhati

Published: 11 Sep 2017, 04:37 PM IST

जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायधीश दिनेश मेहता ने तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल प्रथम भर्ती 2016 के एक मामले में बीएसटीसी उत्तीर्ण होने से पूर्व आरटेट पास करने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए पात्र माना है। न्यायधीश मेहता ने यह आदेश याचिकाकर्ता आशीषकुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए दिए। साथ ही भर्ती आयेाजकों की ओर से याचिकाकर्ता को अपात्र बताने वाला आदेश भी निरस्त कर दिया।

 

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हनुमानसिंह चैधरी ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने बीएसटीसी का परिणाम आने से पूर्व ही आरटेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इसी के चलते उन्होंने अप्रर्थीगण की ओर से तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल प्रथम भर्ती 2016 के लिए 6 फरवरी 2016 को जारी विज्ञप्ति के आधार पर आवेदन किया और सफल होने पर काउंसलिंग में भाग लिया, जहां डॉक्युमेंट चैकिंग करने के बाद उसे यह कहते हुए भर्ती के लिए अपात्र घोषित कर दिया कि उसने आरटेट परीक्षा बीएसटीसी के पहले पास कर ली थी।

 

यहां अप्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुनील जोशी ने कहा कि यह इस तरह है जैसे सैकंडरी से पहले ग्रेजुएकशन कर लेनां। इस पर अधिवक्ता चैधरी ने कहा कि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन की शर्त 6.8 के अनुसार अभ्यर्थी द्वारा आवेदन आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि तक सभी न्यूनतम योग्यताएं अर्जित करना आवश्यक है। यही नहीं आरटेट पारित करने के लिए बीएसटीसी कोर्स में अध्यनरत रहते भी पारित किए जाने की योग्यता रखी गई है।

 

11 श्रमिकों को राष्ट्रीय लोक अदालत ने दिलाई नौकरी


पिछले कई सालों से सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़कर निराश हो चुके अम्बुजा सीमेंट राबडि़याबास के 11 श्रमिकों के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत खुशियों की सौगात लेकर आई। अदालत ने पक्षकारों के बीच आपसी समझाइश कर उनको पुन: सेवा में स्थापित कराया। सीमेंट कंपनी व श्रमिकों के मध्य यह प्रकरण लोक अदालत में लगातार पिछली तीन राष्ट्रीय लोक अदालतों में समझाइश के लिए रखे गए थे।

 

आखिर चौथी लोक अदालत में सुखद परिणाम निकला और 11 श्रमिकों के परिवार में खुशियां लौटी। इसी तरह बैंच संख्या-12, औद्योगिक विवाद अधिकरण एवं श्रम न्यायायल, जोधपुर एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण एवं कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के पीठासीन अधिकारी अजयकुमार शर्मा प्रथम एवं सहवृत सदस्य एनके चाण्डक व हेमलता चौधरी ने पक्षकारों के बीच आपसी समझाइश करके मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के विभिन्न प्रकरणों में पीडि़त पक्षकारों को 43,74,000 रुपए के अवार्ड दिलाए।

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