सुपर-30 के 26 बच्चे आइआइटी में सलेक्ट, देखें वीडियो

jay kumar bhati

Publish: Jun, 15 2019 04:56:10 PM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रवेश के लिए आयोजित आइआइटी जेईई-एडवांस का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। जोधपुर में संचालित ऑयल इंडिया सुपर-30 के तैतीस विद्यार्थियों में से 23 चयनित हो गए। इसमें से तीन छात्राएं भी है। सभी विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आते हैं। किसी के पिता नरेगा में है तो कोई मंदिर में स्वयं पुजारी है। किसी के पास पिता ट्रक ड्राइवर है तो किसी के सैलून की दुकान है।

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सती माता मंदिर में सेवा करता है लखन
झालावाड़ के मनोहरथाना कस्बे में रहने वाले लखन शर्मा के पिता ब्रजनंदन शर्मा वहां रानी सती मंदिर में पुजारी है। लखन ने 13962 वीं रैंक हासिल की। उसने दसवीं में दस सीजीपीए और बारहवीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। लखन ने बताया कि पिताजी के बाहर रहने पर वह स्वयं मंदिर में पुजारी बनकर ईश्वर की आराधना व समाज सेवा करता है। उसको कम्प्यूटर साइंस में रुचि है। उससे आइआइटी गुवाहाटी में सीट मिलने की उम्मीद है।

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नरेगा श्रमिक के बेटे की 676 वीं रैंक

हरिश ओस्तवाल को 676 वीं कैटेगरी रैंक मिली। भीलवाड़ा के मोटरास गांव निवासी हरिश के पिता रामकरण पूरे सीजन खेती नहीं चलने से नरेगा मजूदरी करते हैं। हरिश ने बताया कि उसे पापा बीएसटीसी करवाना चाहते थे। यहां तक मित्र मण्डली के लोग भी अभी तक गांव में ही किसी छोटे मोटे रोजगार में लग गए हैं, बावजूद इसके बीटैक करने का निर्णय किया। पिता ने केवल एक साल का वक्त दिया था और इसमें लखन ने कर दिखाया।

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सडक़ पर घडि़यां बेचते हैं
पाली के झांझावर गांव निवासी राहुल कुमार के पिता सरदारराम सडक़ पर घडि़यां बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। राहुल इलेक्ट्रिकल में बीटैक करना चाहता है। उसे तीन हजार कैटेगरी रैंक मिली है। आकाश तंवर के पिता सैलून का काम करते हैं। जोधपुर में मथानिया के पास रामपुरा के निवासी देवेंद्र कच्छवाह आठ भाई-बहन में सबसे छोटे हैं। रोहित के पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। खुशाल रावल के पिता चितौडग़ढ़ में ट्रक ड्राइवर है।

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पहली बार 3 छात्राओं का चयन

पांच साल में पहली बार तीन छात्राओं को भी प्रवेश दिया गया और तीनों ही छात्राओं ने जेईई एडवांस क्लियर कर लिया। भीलवाड़ा के स्वरूपगंज गांव निवासी साक्षी शर्मा को 3351 वीं रैंक मिली। उसके पिता स्वरूप शर्मा किराणा की दुकान चलाते हैं। साक्षी, जीजाजी की प्रेरणा से इंजीनियरिंग फील्ड में आई। वह नियमित अध्ययन को सफलता का राज मानती है। जयपुर के करणसर निवासी अनिता यादव के पिता सत्यनारायण खेती करते हैं। भिवाड़ी के निवासी प्रियंका महावत के पिता शिवकुमार प्राइवेट जॉब करते हैं। प्रियंका ने अपनी 11 वीं और 12 वीं की पढ़ाई वहां पास के ही धावेड़ा गांव में की थी।

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5 साल में 123 चयनित
अभ्यानंद सुपर-30 की बतौर यूनिट संचालित ऑयल इंडिया सुपर-30 प्रदेश में केवल जोधपुर में ही है। यह 2014 -15 में शुरू हुआ था। पांच साल में 153 में से 123 बच्चे आइआइटी पहुंच चुके हैं। चयनित होने वाली सभी बच्चे गरीब तबके से आते हैं, जिनकी पारिवारिक आय 2.50 लाख वार्षिक से कम है। अगले साल के लिए 17 जून को लिखित प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा जो अशोक उद्यान केशव नगर गली नं 4 में ऑयल इंडिया परिसर में होगी।

 

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