यूएनओ से लताड़ के बाद सीधे हुए पाकिस्तानी रेंजर्स, बॉर्डर का गेट खोल पहले ही फहराया झण्डा

Gajendra Singh Dahiya

Updated: 04 Dec 2019, 11:55:00 PM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. भारत व पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की दो महीने बाद बुधवार को बाड़मेर के मुनाबाव में इस साल की अंतिम बैठक हुई। अक्टूबर में बॉर्डर पर दोपहर तक भारतीय अधिकारियों व बीएसएफ को इंतजार कराने के बावजूद दरवाजा नहीं खोलने वाले पाक रेंजर्स इस बार संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन की लताड़ मिलने के बाद सभ्य नजर आए। जीरो लाइन पर बीएसएफ से पहले ही पाक रेंजर्स ने झण्डा फहराया और बॉर्डर पार करके आ गए।

करीब ढाई घण्टे तक चली बैठक में पहली बार रेंजर्स का बेहतर रवैया नजर आया। पाक के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों ने कहा कि वे खुद टिड्डी से परेशान हैं। फसलें नष्ट होने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। हवाई जहाज स्प्रे के बावजूद टिड्डी काबू में नहीं आई। फिलहाल ब्लूचिस्तान के अलावा ईरान में टिड्डी वींटर ब्रीडिंग कर रही है। वैसे भारत में भी अब इक्का दुक्का स्थान पर छितराई टिड्डी है जो कुछ ही दिन में खत्म हो जाएगी। यह दोनों देशों की अंतिम बैठक थी। भारत ने पाक अधिकारियों को मिठाई देकर रुखस्त किया। अब अगली बैठक 18 जून 2020 को होगी।


तारबंदी के नीचे से आते हॉपर्स के फोटो दिखाए, पाक नहीं माना
अक्टूबर और नवम्बर में पाकिस्तान की तरफ से तारबंदी के नीचे से होकर टिड्डी के लाखों हॉपर्स सीमा पार कर भारत में घुसे, जिसके कारण भारत को काफी परेशानी हुई। भारत ने पाक से बॉर्डर पर टिड्डी के अण्डों का प्रश्रय देने की शिकायत की और तारबंदी के नीचे से होकर आते हॉपर्स के फोटो भी दिखाए लेकिन पाक अधिकारी नहीं माने। उन्होंने कहा कि स्प्रे करने के बावजूद कुछ रह गए होंगे। भारत की शिकायत पर वे अपने देश में होने वाले नुकसान का रोना रोने लग गए। पाकिस्तान ने अब तक अपने यहां 1.61 लाख हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम चलाया है, जबकि भारत 3.10 लाख हेक्टेयर में टिड्डी पर स्प्रे कर चुका है।

सिंध के सीएम ने दिए 1 करोड़

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैय्यद मुराद अली शाह ने टिड्डी पर नियंत्रण के लिए 3 एयरक्राफ्ट किराए पर लेने व पेस्टीसाइड के लिए एक करोड़ रुपए अपने प्लांट प्रोटेक्शन विभाग को दिए हैं। सिंध के 11 जिलों में टिड्डी अभी भी पसरी हुई है। हवा की दिशा उत्तर-दक्षिण होने से अब टिड्डी के भारत में आने की संभावना नहीं है।
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अब खत्म होने वाली है टिड्डी
राजस्थान के दो चार जिलों में कुछ पॉकेट्स में अब छितराई टिड्डी बची है जो शीघ्र खत्म हो जाएगी। पाकिस्तान के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण रही। भारत में टिड्डी केवल समर ब्रीडिंग करती है इसलिए अब अगली बैठक 6 महीने बाद होगी।

डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर

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