एम आई जाहिर / जोधपुर ( jodhpur news. current news ) .पत्थरों का शहर जोधपुर ताजगी से भरे खूबसूरत और रंगबिरंगे गुलाब के फूलों से महक रहा है। इस शहर में खुशनुमा एहसास से लबरेज फूल कभी मुस्कुराते हैं तो कभी खिलखिलाते हैं। खास बात यह है कि जोधपुर शहर में खुशबू वाले गुलाब के जितने फूल उगते ( gardening ) हैं, उन सबकी यहां खपत भी हो जाती है। मंदिर, दरगाह, गुरुद्वारे में पूजा पाठ, जियारत व अरदास के समय वहीं आरती ,भजन कीर्तन व मीलाद में गुलाब जल तो पान में डाले जाने वाला गुलकंद भी इसी गुलाब से बनता है ( NRI news in hindi )।

फूलों की खासियत
जो काम शब्द नहीं कर पाते, वह एक फूल कर देता है। क्यों कि ये फूल बगीचों या क्यारियों के साथ- साथ दिलों में भी खिलते हैं। शादी हो या पार्टी, न्यू ईयर हो या त्योहार, जोधपुराइट्स के लिए फूल जज्बात का इजहार करने का सबब बन जाते हैं। शादियों में वरमाला तो किसी पार्टी या राष्ट्र प्रमुख के शिष्टमंडल में भी बुके उनके स्वागत में फूल बिछाता है। इस तरह ये फूल हमारे हर मौके के साथी हैं। ये फूल देख कर उन्हें खुशी और ताजगी का एहसास होता है।

एेसे हैं खिलते हुए गुलाब
उद्यानिकी विशेषज्ञों के अनुसार जोधपुर में यूं तो कई फूलों की खेती होती है ,लेकिन गुलाब उनमें सबसे खास है। जोधपुर में गुलाब के अलावा, हजारे, चमेली, मोगरा, रजनीगंधा और अश्वगंधा के फूलों की खेती होती है। गुलाब के फूल दो तरह के होते हैं। एक ग्राफ्टेड गुलाब और दूसरा खुशबू वाला देसी गुलाब। जोधपुर शहर के आसपास खासकर मंडोर इलाके में खुशबू वाले देसी गुलाब के फूलों की खेती होती है। जबकि ग्राफ्टेड गुलाब पुष्कर से जोधपुर आते हैं। जोधपुर में सिल्विया, टेनिस और गुलदाऊदी के फूल बेंगलूरु व पुणे से आते हैं।


फ्लॉवर्स : फैक्टफाइल
5 से 25 रुपए का आता है बाहर से एक फूल
40 रुपए की माला कम से कम
150 रुपए का बुके कम से कम
1500 से 2000 रुपए तक के हैं बुके
25000 रुपए की आती है एक वरमाला
50,000 से भी ज्यादा किस्म के होते हैं फूल

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