#International Museum Day : सरदार म्यूजियम तक नहीं पहुंच पा रहे सैलानी

MI Zahir

Publish: May, 18 2019 10:03:36 AM (IST) | Updated: May, 18 2019 10:03:37 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. शहर के सरदार राजकीय संग्रहालय में (sardar museum in jodhpur ) खूबसूरत और दुर्लभ चीजें सजी हुई हैं,लेकिन हालत यह है कि जंगल में मोर नाचा, किसने देखा। यानी जब पर्यटक इस म्यूजियम में रखी हुई चीजें देखेंगे तो ही उन्हें पता चलेगा कि यहां क्या क्या नायाब चीजें सजी हुई हैं। यही वजह है कि ये म्यूजियम बुरे दौर से गुजर रहा है। पर्यटक इस म्यूजियम तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। पब्लिक पार्क म्यूजियम में तो पर्यटकों की संख्या आधी रह गई है। पत्रिका ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day ) पर सरदार संग्रहालय का जायजा लिया तो यह तस्वीर सामने आई।

कैसे आएं पर्यटक

जानकारी के अनुसार जब से जंतुआलय और चिडि़याघर के साथ सारे पशु पक्षी माचिया बायोलॉजिकल पार्क शिफ्ट हुए हैं तब से पब्लिक पार्क म्यूजियम के बुरे दिन शुरू हो गए हैं।

एेसे घटी विजिटर्स की संख्या

पड़ताल से पता चला कि पांच साल पहले पब्लिक पार्क म्यूजियम में सालाना करीब 2500 से 3000 पर्यटक आते थे। क्यों कि तब जंतुआलय और चिडि़याघर पब्लिक पार्क में ही थे। अब इस म्यूजियम में सालाना बमुश्किल 1200 विजिटर्स ही आते हैं। अब यहां रोज औसत 20 से 40 सैलानी ही आ पाते हैं।

म्यूजियम : फ्लैश बैक

पब्लिक पार्क के सरदार म्यूजियम की लॉर्ड किचनर के जोधपुर आने पर सन 1909 में आयोजित मारवाड़ शिल्प कला प्रदर्शनी के समय स्थापना हुई थी। यह संग्रहालय भी पहले सोजती गेट के बाहर था। वहां से पहले राई का बाग स्थित एक इमारत में और बाद में सूरसागर ले जाया गया था। कालांतर में भारत सरकार ने 1916 में इसे मान्यता दी। यह संग्रहालय सन 1921 में दरबार स्कूल भवन और 1936 में पब्लिक पार्क स्थित इमारत में शिफ्ट किया गया था। इस म्यूजियम को जुलाई-अगस्त 2017 में तब नई जिंदगी मिल गई, जब इसे सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी की इमारत भी मिल गई और इस इमारत को नायाब वस्तुएं रखने के लिए अच्छी जगह मिल गई, मगर पर्यटक अधिक नहीं मिल पा रहे हैं।

सरदार म्यूयिजियम में पर्यटक कम आने का कारण
-पब्लिक पार्क के सातों गेट बंद बंद रहते हैं। पर्यटकों को यह बात अखरती है।
-पर्यटक वाहन बाहर मेन गेट के पास रख कर आते हैं, पार्क में पार्र्किंग की व्यवस्था नहीं है।
-पार्क से जंतुआलय और चिडि़याघर माचिया जाने से पर्यटक इस तरफ बहुत कम ही आते हैं।
-पार्क में हर समय समाजकंटक रहते हैं और जुआ खेलते हैं। इससे लोग यहां आने से कतराते हैं।
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हम प्रयासरत

हम पर्यटकों को म्यूजियम तक लाने के लिए प्रयासरत हैं। पब्लिक पार्क में जो आकर्षण का चीजें थीं, वे माचिया चली गईं। इसके अलावा पार्क के गेट बंद रहने की समस्या है। म्यूजियम के पास पार्र्किंग का इंतजाम करने के लिए जेडीए और निगम के अधिकारियों से कहा है। पार्क में शरारती तत्व बैठे रहने से भी फर्क पड़ा है।
-बाबूलाल मौर्य
अधीक्षक
पुरातत्व व संग्रहालय विभाग
जोधपुर

 

 

 

 

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