जेल में मोबाइल मिलने पर जेलर शक के घेरे में

- जोधपुर सेन्ट्रल जेल, पहली बार जेल अधिकारी पर हो सकती है कार्रवाई

- अजमेर स्थानान्तरित जेलर को जोधपुर बुलाकर पुलिस ने की पूछताछ, जेल परिसर में क्वार्टर की तलाशी

By: Vikas Choudhary

Published: 04 Mar 2021, 01:06 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
जोधपुर सेन्ट्रल जेल के स्टोर रूम में मोबाइल से जुड़ी निषिद्ध सामग्री व हीटर स्प्रिंग के मामले की पुलिस जांच में जेलर जगदीश पूनिया के साथ-साथ दो उप कारापाल की भूमिका शक के घेरे में आ गई। रातानाडा थाना पुलिस ने नामजद कर जेलर पूनिया को अजमेर से जोधपुर बुलाकर न सिर्फ पूछताछ की, बल्कि वीडियोग्राफी करवाकर जेल परिसर में क्वार्टर की सघन तलाशी भी ली। जेल में बंदियों तक मोबाइल व निषिद्ध सामग्री पहुंचने के मामले में पहली बार जेल के किसी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जेल अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने गत २५ फरवरी को जेल के स्टोर का एक वीडियो मिलने और उसमें कुछ व्यक्तियों के पास मोबाइल व अन्य निषिद्ध सामग्री होने के संबंध में एफआइआर दर्ज कराई थी। स्टोर प्रभारी लक्ष्मणसिंह, राशन सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदार श्याम सुंदर, सत्यनारायण व बाबूलाल पर संदेह जताया गया था। यह वीडियो चार फरवरी का था।
निषिद्ध सामग्री के बारे में पुलिस ने चारों से पूछताछ की तो जेलर जगदीश पूनिया, उप कारापाल सद्दाम हुसैन व श्रीचंद गिला के नाम लिए। मोबाइल व अन्य निषिद्ध सामग्री जगदीश पूनिया व जेल अधीक्षक को सौंपने की जानकारी दी।

पुलिस ने अजमेर जेल में पदस्थापित जेलर जगदीश पूनिया को पूछताछ के लिए सोमवार को जोधपुर बुलाया। रातानाडा थाने में पूनिया से लम्बी पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जेलर की मौजूदगी में जेल परिसर में क्वार्टर की तलाशी ली। उप कारापालों के क्वार्टर की भी तलाशी ली गई। पुलिस का कहना है कि तलाशी में कोई खास वस्तु नहीं मिली है। फिर भी मामले में भूमिका के संबंध में विश्लेषण किया जा रहा है।
पूछताछ में जेलर ने बॉल उच्चाधिकारी के पाले में डाली

मामले की जांच और स्टोर प्रभारी व ठेकेदारों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जेलर व अन्य को भी नामजद आरोपी बनाया है। पूछताछ में जेलर ने प्रतिबंधित सामग्री के बारे में खुद से पल्ला छाडऩे के लिए एसपी को जिम्मेदार ठहराया। जेलर ने बताया कि जेल के जिम्मेदार अधिकारी एसपी हैं और स्टोर रूम में प्रतिबंधित सामग्री मिलने के बारे में उन्हें भी जानकारी थी।

कॉल डिटेल्स से खाली हाथ, तकनीकी जांच के प्रयास
जेल में गत २४ फरवरी की रात १७ मोबाइल, १८ सिम व तीन चार्जर जब्त किए गए थे। पुलिस ने इनकी कॉल डिटेल्स मंगाई तो कोई खास सुराग नहीं मिल पाए। पुलिस का कहना है कि बंदी व्हॉट्सएेप कॉल करते हैं। एेसे में तकनीकी जांच व विश्लेषण से पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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'जेल में मोबाइल बरामदगी के दो व स्टोर रूम में निषिद्ध सामग्री मिलने का एक मामला दर्ज है। अब तक नामजद और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ व मोबाइल की जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए कुछ तलाशी भी ली गई है।Ó

धर्मेन्द्रसिंह यादव, पुलिस उपायुक्त (पूर्व) जोधपुर।

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