11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर नगर निगम में नहीं होगा अब कार्यादेश से अधिक का कार्य

आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने दिखाई सख्ती
less than 1 minute read
Google source verification
jodhpur-municipal-corporation-will-no-longer-work

जोधपुर नगर निगम में नहीं होगा अब कार्यादेश से अधिक का कार्य

जोधपुर. नगर निगम अब विभिन्न स्तर पर कार्यादेश से अधिक का कार्य नहीं करेगा। इसके लिए आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने सख्ती दिखाई है। जोधपुर नगर निगम स्तर पर विभिन्न कार्यों के लिए संधारित पत्रावलियों का अवलोकन करने पर जानकारी में आया कि पत्रावलियों में कार्यादेश व वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति से अधिक का कार्य कर भुगतान से पूर्व पत्रावली स्वीकृति के लिए आयुक्त के समक्ष पेश की जा रही है। जो कि नियमानुसार अनुचित है। निगम के समस्त तकनीकी अधिकारी व मुख्य लेखाधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में कार्यादेश से अधिक का कार्य नहीं करवाएंगे। इस पर पुनरावृत्ति पाए जाने निगम प्रशासन ने कहा कि तकनीकी अधिकारी व लेखाधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।

दरअसल, कोई भी काम में टैंडर लगाने से पहले प्रशासनिक, वित्तीय व तकनीकी स्वीकृति जारी होती है। वित्तीय स्वीकृति एस्टीमेट के आधार पर तय होती है। कई बार मौके पर सिविल कार्यों में सडक़ निर्माण पर सीवरेज क्षतिग्रस्त मिलती है। एेसे में अब अधिक व अतिरिक्त कार्य से पहले आयुक्त की अनुमति लेनी होगी। निगम सूत्रों का कहना है कि स्वायत्त शासन विभाग के शैड्यूल ऑफ पॉवर के तहत दस प्रतिशत अतिरिक्त व अधिक कार्य कर सकते हैं। वहीं वित्त विभाग के तहत पांच प्रतिशत अधिक व अतिरिक्त कार्य करवा सकते है। अधिक तो पांच से पचास प्रतिशत तक करवाया जा सकता है। ये वे आइटम है, जो शैड्यूल शामिल है। जो शैड्यूल में नहीं है, उन्हें अतिरिक्त माना जाता है। निगम में एेसा हो रहा है कि काम पहले करवाया जा रहा है और फिर स्वीकृति ली जा रही है। इसलिए अब पहले स्वीकृति लेनी होगी। दूसरी ओर जिम्मेदार कह रहे है कि फील्ड में इस तरह संभव नहीं रह