मानसून में देरी से आधी भी नहीं हो सकी खरीफ की बुवाई

- किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें
- बुवाई में देरी की आशंका
- जिले में 12.50 लाख हेक्टेयर में बुवाई लक्ष्य

By: Amit Dave

Published: 03 Jul 2021, 06:51 PM IST

जोधपुर।
प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद पश्चिमी राजस्थान में जल्द मानसून बरसात की उम्मीदें बनी थी लेकिन मानसून की धीमी हुई रफ्तार से अब तक क्षेत्र में अच्छी बरसात का इंतजार है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आगे एक सप्ताह मानसून के पहुंचने की उम्मीद कम है, ऐसे में फ सल बुवाई में देरी की आशंका से किसान चिंतित है। जोधपुर जिले में कृषि विभाग ने 12.55 हैक्टेयर क्षेत्र में फ सल बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। मानसून में देरी से अब तक बुवाई का 50 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ है। मानसून में देरी से मूंग व मूंगफ ली का रकबा घट सकता है, वहीं देर से बरसात होने से ग्वार व मोठ का रकबा बढ़ सकता है।
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मानसून पूर्व की बोई फ सल पर बढ़े तापमान का असर
मानसून बरसात में देरी के चलते मानसून पूर्व की बरसात से बोई गई कपास, बाजरा व मूंग की फ सल पर बढ़े हुए तापमान से झुलसने का खतरा मंडराने लगा है। सिंचित क्षेत्र की फ सल कपास में भी ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है लेकिन बिजली सप्लाई में कम वोल्टेज, ट्रिपिंग व कटौती जैसी अनियमितता भी किसानों पर भारी पड़ रही है।
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खरीफ सीजन का बुवाई लक्ष्य
फसल - बुवाई लक्ष्य
बाजरा - 4.00
मूंग - 3.02
मूंगफ ली - 1.56
कपास - 0.65
ज्वार - 0.40
तिल - 0.28
मोठ - 0.90
अरंडी - 0.23
ग्वार - 0.35
अन्य - 0.16
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कुल - 12.55
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मानसून पूर्व की बरसात से बाजरा व कपास की बिंजाई की थी, मानसून बरसात नहीं होने व तापमान बढऩे से इन फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
श्रवण भादू, प्रगतिशील किसान
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