नियमों को ताक पर रख, जोधपुर की औद्योगिक इकाइयां खड़ी है आग के मुहाने पर

- शहर की करीब 70 प्रतिशत इकाइयों में नहीं हैं फायर सेफ्टी सिस्टम

By: Jitendra Singh Rathore

Published: 07 Jun 2018, 10:30 AM IST

 

जोधपुर. शहर में होने वाली आग की अधिकांश घटनाएं औद्योगिक क्षेत्रों में होती हैं। बड़े स्तर पर लगने वाली आग में जन-धन की भी अधिक हानि होती है। औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियों का संचालन किया जा रहा है। संबंधित विभागों की ओर से निरीक्षण या ठोस कार्रवाई भी नहीं होती है। पर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं होने की वजह से इकाइयां आग के मुहाने पर खड़ी हैं।

 

70 प्रतिशत इकाइयों में नहीं फायर सेफ्टी सिस्टम
शहर के बासनी, बोरानाडा, हैवी इंडस्ट्रियल एरिया, लाइट इंडस्ट्रियल एरिया, न्यू पावर हाउस रोड, सालावास, तनावड़ा, सांगरिया, मण्डोर, पाली रोड सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 4 से 5 हजार छोटी-बड़ी विभिन्न इकाइयां चल रही हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत इकाइयों में आगजनी से निपटने के उपाय-उपकरण नहीं हैं।

 

फायर एनओसी तक नहीं
फैक्ट्री व बॉयलर एक्ट के अनुसार, प्रत्येक औद्योगिक इकाई में आग से निपटने के उपकरण-संसाधन आदि होने जरूरी हैं। इसके अलावा, इकाइयों के संचालन के लिए फायर एनओसी होना जरूरी है। फायर एनओसी से स्पष्ट हो जाता है कि इकाई में फायर फाइटिंग उपकरण व इकाई आगजनी की रिस्क से बाहर है ।


हैण्डीक्राफ्ट निर्यात में फायर सेफ्टी का ज्यादा महत्व

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. भरत दिनेश के अनुसार हैण्डीक्राफ्ट इकाइयों में आगजनी की स्थिति से निपटने व रोकथाम से संबंधित फायर फाइटिंग उपकरण आदि होने की पुष्टि होने पर ही सोशल ऑडिट में इकाइयों को सही माना जाता है। सोशल ऑडिट में सही पाए जाने की पुष्टि होने पर ही कई नामी विदेशी बाइंग हाउस व बड़े बायर्स यहां के निर्यातकों को ऑर्डर्स देते हैं, अन्यथा ऑर्डर्स रद्द कर देते हैं।


सबसे ज्यादा आगजनी हैण्डीक्राफ्ट इकाइयों में

सुरक्षा खामियों व लापरवाही की वजह आगजनी की सर्वाधिक घटनाएं हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री में होती हैं। इन इकाइयों में वुडन मैटेरियल के उपयोग करने, उससे निकलने वाले बुरादे, पॉलिश मैटेरियल, पैकिंग मैटेरियल तथा इकाइयों के कच्चे-पक्के शेड्स की वजह से आग तेजी के साथ फैलती है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा के लिए मौजूद फायर फ ाइटिंग उपकरण भी धरे रह जाते है । पिछले 4 वर्ष में औद्योगिक क्षेत्र में हुई आगजनी की घटनाएं सबसे ज्यादा हैण्डीक्राफ्ट्स इकाइयों में हुई। इकाइयों में ज्यादातर आगजनी गर्मी व बरसात की सीजन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण होती है। टैक्सटाइल, स्टील, ग्वारगम, प्लास्टिक, केमिकल इकाइयों में भी आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं।

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