जोधपुर.
प्रशिक्षण काल में नर्सिंगकर्मी किस तरह शैतानी व शरारत करते थे। जब 31 साल बाद मिले तो सभी ने अपने-अपने मित्रों की शरारतों को जिक्र जरूर किया। परिवार वालों ने जब अपने परिवार के सदस्य के बारे में पुरानी बातें व यादें जानी तो हर कोई हंसे बिना नहीं रहा। हंसी-ठिठोली व यादों का यह नजारा था स्कूल ऑफ नर्सिंग महात्मा गांधी चिकित्सालय जोधपुर के जीएनएम बैच 1984-87 को राजकीय सेवा में 31 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में रविवार को आयोजित एलुमिनी सेरेमनी का।
आयोजन समिति के संयोजक नटवर भार्गव ने बताया कि एलुमिनी मीट में बैच के सभी साथी मिलेे और अपने-अपने अनुभव शेयर किया। एलुमिनी का आयोजन जयपुर रोड स्थित राज इंजीनियरिंग कॉलेज कैम्पस में किया गया। जिसमें जोधपुर जिले के अलावा पाली, जालोर, सिरोही, नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, अजमेर, मुम्बई, अमरीका मेंं कार्यरत बैचमेंट ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूआत में पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद गणेश वंदना व राष्ट्रीय गान किया गया।
कार्यक्रम में बैचमेट साथी अपने अपने परिजन के साथ मंच पर आकर 31 वर्षों के सेवाकाल के दौरान अपने अनुभवों एवं घटित घटनाओं को साझा किया। मरीज के प्रति नर्सेज के महत्व को साझा किया। डांस, गाना, चुटकले, शेर-शायरी के साथ माहौल बहुत खुशनुमा हो गया। सभी अपनी बचपन की बातें शेयर कर रोमांचित हो रहे थे। कार्यक्रम का संचालन सुरेश बिस्सा एवं छाया शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में बैच के प्रशिक्षण के समय शिक्षक रहे निर्मला माथुर मेम एवं हरीचरण गुप्ता ने कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्य वक्ता राज इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक राजूराम चौधरी ने अपने अनुभव साझा किए और इस मुकाम तक उन्हें किन-किन परेशानियोंं का सामना करना पड़ा, उसके बारे में बताया। महेन्द्र गौड़ ने सभी का आभार जताया।

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