scriptLeakage in Phalodi Lake | झील में लीकेज, खतरे से बेखबर फलोदी! | Patrika News

झील में लीकेज, खतरे से बेखबर फलोदी!

झील से करीब एक माह से पानी रिस रहा है जो पास में ही बने पौराणिक बीस भुजा मंदिर के उद्यान में पहुंचा तो मंदिर के व्यवस्थापकों ने विभागीय जिम्मेदारों को इसकी सूचना दी, लेकिन विभाग ने झील से रिसने वाले पानी के स्थान पर जेसीबी से कच्चा नाला बनाकर पानी निस्तारण का रास्ता निकाल दिया।

जोधपुर

Published: March 26, 2022 11:10:29 am

विभागीय जिम्मेदारों ने भी माना पुराने घाटों से रिस रहा पानी

फलोदी (जोधपुर). तीन तालाबों को तोड़कर पानी स्टोरेज के लिए फलोदी में हुए झील निर्माण के समय राम सरोवर के घाटों पर स्लैब नहीं बनाना अब भारी पड़ रहा है। क्लोजर के दौरान पेयजल किल्लत न हो इसके लिए नहरी पानी से झील लबालब भरी हुई है। ऐसे में पुराने घाटों से पानी रिस कर पाल के नीचे से बहने लगा है, जो बड़े खतरे की आहट है।
झील में लीकेज, खतरे से बेखबर फलोदी!
फलोदी झील से रिसता पानी।
जानकारों की मानें तो झील से करीब एक माह से पानी रिस रहा है जो पास में ही बने पौराणिक बीस भुजा मंदिर के उद्यान में पहुंचा तो मंदिर के व्यवस्थापकों ने विभागीय जिम्मेदारों को इसकी सूचना दी, लेकिन विभाग ने झील से रिसने वाले पानी के स्थान पर जेसीबी से कच्चा नाला बनाकर पानी निस्तारण का रास्ता निकाल दिया लेकिन स्थानी हल नहीं निकल सका है। ऐसे में पानी का रिसाव तेज हुआ तो आस-पास के क्षेत्र में बड़ा खतरा हो सकता है।
पत्रिका ने चलाया था अभियान, फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने गत जून-21 में पहचान मिलने से पहले कहीं खो न दे झील अस्तित्व के नाम से अभियान चलाया था। जिसमें झील की बदहाली ,क्षतिग्रस्त घाट व पुल से हादसे की आशंका की खबरें प्रकाशित की थी, लेकिन बावजूद इसके जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में इस बार क्लोजर के समय पानी का भराव होने से पानी का रिसाव बढ़ गया है,जिससे बड़े खतरे की आशंका बढ गई है।
इन्होंने कहा

झील फलोदी के सबसे बडे पेयजल स्त्रोत के साथ यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य की भी प्रतीक है। झील से करीब एक महिने पहले पानी का रिसाव हो रहा था, जिसकी सूचना जिम्मेदारों को दी गई। बीस भुजा मंदिर तक पानी रिसकर नहीं आए इसके लिए जिम्मेदारों ने कच्चा नाला बनाकर पानी की दिशा मोड़ दी, झील के रिसाव का रास्ता बंद नहीं किया, जिससे यह बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
- बाबूसा कानूगा व्यवस्थापक, बीस भुजा मंदिर ट्र्स्ट फलोदी

प्राजेक्ट बना दिया है, जल्द करवाई जाएगी रिपेयरिंग

जिस समय झील का निर्माण हुआ था, उस समय पुराने घाटों पर स्लैब नहीं बने थे, जिनसे अब पानी का रिसाव हो रहा है। मेरे पास भी झील से पेयजल लीकेज होने की सूचना आई थी, मौके पर जाकर देखा भी था। पुराने घाटों से पानी रिस कर बाहर आ रहा है। रिसाव स्थल से अभी कच्चा नाला बनाकर पानी को रास्ता दिया है।
अभी बड़ा खतरा नहीं है। जल जीवन मिशन योजना के तहत प्रोजेक्ट तैयार कर भेज दिया गया है, स्वीकृति भी आ गई है। क्लोजर के बाद पूरी झील की मरम्मत करवा दी जाएगी।

- रविन्द्र चौधरी अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग (प्रोजेक्ट)

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