हिस्ट्रीशीटर के एनकाउंटर की होगी मजिस्ट्रेट जांच, एडीएम नियुक्त

- पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर की मौत का मामला
- थानाधिकारी व सिपाहियों के निलम्बन सहित विभिन्न मांगों को लेकर नहीं हुआ पोस्टमार्टम

By: Vikas Choudhary

Updated: 15 Oct 2021, 01:42 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
बनाड़ रोड पर डिगाड़ी फांटा के पास पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर की मौत की मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी। इसके लिए एडीएम की नियुक्ति की गई है। वहीं, मुठभेड़ के विरोध में परिजन व वाल्मिकी समाज के लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दिया। दिनभर गतिरोध के चलते शाम तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) भुवन भूषण यादव ने बताया कि उदयमंदिर में तिलक नगर हरिजन बस्ती निवासी हिस्ट्रीशीटर नवीन उर्फ लवली कण्डारा (३०) की मुठभेड़ में मृत्यु की मजिस्ट्रेट जांच होगी। इसके लिए जिला कलक्टर ने एडीएम नियुक्त भी कर दिया। जो मर्ग की जांच कर रिपोर्ट जिला कलक्टर को सौंपेंगे। उधर, विभिन्न मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। एेसे में शाम तक पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सका। अब संभवत: शुक्रवार को फिर से वार्ता की जाएगी।
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दोपहर में पोस्टमार्टम को राजी, लेकिन फिर अड़े
सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश उर्फ टायसन के नेतृत्व में परिजन व वाल्मिकी समाज के लोग सुबह ही मोर्चरी पहुंचना शुरू हो गए। जो मोर्चरी के सामने धरने पर बैठ गए। दोपहर तक डेढ़ सौ से दो सौ लोग आए। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त भागचंद मीणा व हरफूलसिंह के नेतृत्व में पुलिस ने वार्ता की। विभिन्न मांगों पर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। दोपहर २.१५ बजे पोस्टमार्टम को राजी हो गए। बोर्ड का गठन भी करा दिया गया। एफएसएल भी मौके पर आई, लेकिन एक युवक के भाषण के बाद मांगे पूरी होने पर ही पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गए।
सुरक्षा घेरे में अस्पताल व मोर्चरी
विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते एमडीएम अस्पताल छावनी में तब्दील रहा। अस्पताल के मुख्य द्वार से लेकर ट्रोमा सेंटर व मोर्चरी के आस-पास पुलिस अधिकारी व जवानों के साथ-साथ आरएसी का भारी जाब्ता तैनात रहा।
भागे युवक का आरोप, थानाधिकारी ने आकर गोली मारी
सोशल मीडिया में राहुल मीना नामक युवक का वीडियो वायरल हुआ। मुठभेड़ के दौरान लवली के साथ होने का दावा करने वाले राहुल का कहना है कि कार में आशीष, लवली कण्डा, सन्नी, अजय, अलसा के साथ सिगरेट पी रहे थे। एक कार आई और दो जने नीचे उतरकर लवली कण्डारा के पास आए व धक्का-मुक्की करने लगे। पिस्तौल तान दी। गैंगवार की आशंका के चलते कार रातानाडा होकर बनाड़ रोड की तरफ भगा दी, जहां सामने से आई पुलिस गाड़ी ने रोका। पीछे से थानाधिकारी लीलाराम कार के पास आए और गोलियां चलाने लगे। तब राहुल व अन्य कार से उतरकर भाग गए। तीन को पुलिस ने पकड़ लिया।
इन मांगों पर अड़े परिजन-समाज
- मुठभेड़ करने में शामिल रातानाडा थानाधिकारी लीलाराम व उनके साथ निजी कार में मौजूद तीन सिपाहियों को निलंबित किया जाए। पुलिस ने इच्छानुसार अधिकारी से जांच कराने का प्रस्ताव रखा। दोषी पाए जाने पर न सिर्फ निलम्बन बल्कि एफआइआर में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
- मृतक लवली कण्डारा के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाए। पुलिस ने सहमति जताई और बोर्ड का गठन भी कराया।
- रातानाडा थानाधिकारी व तीनों सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। देर शाम लिखित शिकायत दी गई। जिसे पुलिस ने रातानाडा थाने में दर्ज जानलेवा हमले के मामले में शामिल पत्रावली किया।
- मुठभेड़ की न्यायिक जांच की जाए। नियमों के तहत पुलिस से मुठभेड़ में मृत्यु होने पर मजिस्ट्रेट जांच होती है। इसके लिए एडीएम की नियुक्ति की गई।
- मृतक के आश्रित को उचित मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी। पुलिस ने मांग सरकार को भेजने और वहीं से निर्णय होने की बात कही।

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