महात्मा गांधी केंद्रित मेगा शो ' भारत भाग्य विधाता' में बापू को देख-सुन कर सम्मोहित से हो उठे दर्शक

महात्मा गांधी केंद्रित मेगा शो ' भारत भाग्य विधाता' में बापू को देख-सुन कर सम्मोहित से हो उठे दर्शक
Mahatma Gandhi-centric mega show 'Bharat Bhagya Vidhata' mesmerized

MI Zahir | Updated: 06 Oct 2019, 03:37:01 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर. राजस्थान के पर्यटन कला और संस्कृति विभाग ( Rajasthan Tourism Department of Arts and Culture ) और जोधपुर के जिला प्रशासन ( district administration of jodhpur ) की साझा मेजबानी में गुजरात के श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर ( Srimad Rajchandra Mission Dharampur ) की ओर से प्रसिद्ध नाटक भारत भाग्य विधाता ( Bharat Bhagya Vidhata Drama ) का शनिवार शाम टाउन हॉल में 86 वां शो हुआ। इस दौरान मोहन से महात्मा ( Mahatma Gandhi latest news ) तक का सफर मंच पर जीवंत व साकार हुआ।

जोधपुर.मोहनदास गांधी 6 अप्रेल 1930 को दांडी यात्रा के दौरान नमक हाथ में लेते हैं तो लोग देखते रह जाते हैं। उस समय वहां मौजूद कुछ लोगों ने गांधी से कहा कि आपने तो यहां खड़े- खड़े अंग्रेजों के जहाज डुबो दिए। इस पर गांधी ने कहा -'किसी को झुकाने के लिए उसे छूना जरूरी नहीं है।' उनका यह वाक्य दर्शकों को बहुत पसंद आता है। ये हैं, आपके, हमारे, हम सबके बापू, साबरमती के संत, अहिंसा के पुजारी। पूरी दुनिया में लोकप्रिय हम सबके बापू साक्षात सामने थे, वे अपनी बात कह रहे थे, संदेश दे रहे थे और सम्मोहित से दर्शक उन्हें निहार रहे थे और उनकी बातें ध्यान से सुन रहे थे। बापू का यह वाक्य साक्षात जीवंत रूप ले रहा था- मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। उनका जीवन दर्शकों के सामने था। हालांकि यह बापू के साक्षात सामने होने का आभास भर था, लेकिन रंगमंचीय कौशल ने इसे सत्य के प्रयोग के करीब पहुंचा दिया था। वही सत्य का प्रयोग, जो बापू करते थे, इस तरह आभासीय और मंचीय सत्य प्रयोग ने लोगों को वास्तविक सत्य के करीब ला दिया।

दिलों तक पहुंचे गांधी
राजस्थान के पर्यटन कला और संस्कृति विभाग ( Rajasthan Tourism Department of Arts and Culture ) और जोधपुर के जिला प्रशासन ( district administration of jodhpur ) की साझा मेजबानी में गुजरात के श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर ( Srimad Rajchandra Mission Dharampur ) का खूबसूरत शाहकार प्रसिद्ध नाटक भारत भाग्य विधाता का शनिवार शाम टाउन हॉल में 86 वां मेगा शो पेश किया गया। गांधी सप्ताह के तहत मंचित यह नाटक राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी का जीवन और मूल्य दर्शकों के सामने रखने में सफल साबित हुआ। राजेश जोशी निर्देशित और ब्लैक व बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों के लेखक प्रकाश कापडि़या लिखित इस नाटक का महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की शृंखला में प्रभावी मंचन किया गया। पूरे देश में 85 से अधिक सफल प्रदर्शन के बाद यह नाट्य दल जोधपुर पहुंचा।

यहां मोहन से महात्मा ( Mahatma Gandhi latest news ) बनने तक की यात्रा पूरे जोश के साथ मंच पर नजर आ रही थी, मंच एक्सप्लोविजन स्क्रीन महसूस हो रहा था और गांधीवाद से प्रभावित दर्शक अभिभूत दिखाई दे रहे थे।

यह था नजारा
कभी नमक सत्याग्रह, कभी दाण्डी यात्रा, कभी दक्षिण अफ्रीका तो कभी वैष्णव जनतो तेने कहिए..के बापू। रंगभूत दर्शकों की आंखें नम थीं और वे खुद को धन्य समझ रहे थे कि बापू को उनके जमाने में नहीं देख सके,लेकिन इसी निमित्त उनकी बातें और उनका संदेश मंच के माध्यम से दर्शकों में हृदयंगम हो गया। एक तरह से यह गांधी विचार का मेला था, जहां ६० से अधिक कलाकारों ने अभिनय किया। करीब-करीब हर कलाकार ने एक या दो किरदार में अदाकारी की। ध्यान रहे कि सर्वोदयी व गांधीवादी विचारक नेमिचंद्र जैन भावुक ने मारवाड़ में गांधी विचार का प्रसार किया। वहीं राजस्थानी के प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. आईदानसिंह भाटी ने गांधी की आत्मकथा का राजस्थानी में अनुवाद किया है।

पर्दे पर और पर्दे के पीछे
महात्मा गांधी के किरदार में पुलकित सोलंकी ने शानदार अदाकारी की। जबकि युवा मोहनदास गांधी के किरदार में चिराग वोरा खूब जमे। वहीं कस्तूरबा गांधी की भूमिका में नीलम पांचाल ने अभिनय किया। जबकि पार्थसारथी वैद्य ने जवाहरलाल नेहरू और श्रीमद राजचंद्र के किरदार में अदाकारी की। वहीं भोतेश व्यास की खूबसूरत लाइट डिजाइनिंग और पीयूष कन्नौजिया के दिलकश म्यूजिक डायरेक्शन से सजे इस नाटक ने जोधपुर के रंगकर्मियों को भी प्रभावित किया।

ये बने साक्षी
नाटक भारत भाग्य विधाता के मंचन के अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया, शहर विधायक मनीषा पंवार, संभागीय आयुक्त बी एल कोठारी,जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम मदनलाल नेहरा, अ‌तिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय महिपाल भारद्वाज, एडीएम सिटी सीमा कविया, जेडीए आयुक्त मेघराज रत्नू, एसडीएम सुमित्रा पारीक, समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अनिल व्यास व पूर्व महापौर ओमकुमारी गहलोत ने नाटक देखने का आनंद लिया।

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