सोलर प्लांट पर हमले के मुख्य आरोपियों का सुराग नहीं

Vikas Choudhary

Updated: 06 Dec 2019, 12:58:55 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.

फलोदी थानान्तर्गत उग्रास (ढढू) गांव स्थित निर्माणाधीन सोलर प्लांट में फायरिंग करने और डेढ़ दर्जन वाहन जलाने वाले के मुख्य आरोपियों का पुलिस वारदात के तीसरे दिन गुरुवार को भी सुराग नहीं लगा पाई। संदिग्धों से पूछताछ और अब तक की जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि हमलावर और प्लांट पर कार्य करने वाली ठेका कम्पनी संचालकों में पारिवारिक रंजिश की वजह से हमला किया गया।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहठ के अनुसार अभी तक तीन आरोपियों के अलावा और कोई गिरफ्तार नहीं हो सका है। प्रमुख हमलावरों व अन्य बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। इस बीच, प्रकरण में गिरफ्तार ढढू निवासी हीरकनराम बिश्नोई, उदाराम बिश्नोई व भोमसिंह को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

गौरतलब है कि मंगलवार रात चालीस से अधिक चार पहिया वाहनों में सवार डेढ़ सौ से दो सौ बदमाशों ने सोलर प्लांट पर हमला बोल दिया और हवाई फायर करने के साथ कई वाहनों पर गोलियां चलाईं थी। दो डीटीएच (बोरवेल मशीनें), एक जेसीबी, एक क्रेन, दो एसयूवी कार, एक बोलेरो पिकअप, एक बोलेरो कैम्पर, दस से अधिक मोटरसाकिलें आग के हवाले कर दी गई। कंटेनर केबिन व श्रमिकों के टेंट भी जला दिए। ठेका कम्पनी के कर्मचारी सुमेरसिंह के अलावा एएसआइ की तरफ से बलवा व जानलेवा हमले के अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।

प्लांट पर बढ़ाई सुरक्षा

एक बार फिर हमले की आशंका के चलते प्लांट पुलिस व आरएसी के पचास से अधिक जवान तैनात किए हैं। हमले के दिन भी वहां एक एएसआइ, दो हेड कांस्टेबल व बारह जवान (तीन महिला कांस्टेबल) तैनात थे।

कोटा में तैनात सिपाही की भूमिका की जांच
मुख्य हमलावरों का भाई कोटा पुलिस में सिपाही की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि हमले के समय उसकी लोकेशन कोटा में थी। हमलावरों को पकडऩे के लिए उनके परिजन पर दबाव डाला जा रहा है।

एक पक्ष तस्कर, दूसरा पक्ष प्रधान

पुलिस के अनुसार प्लांट में चार दीवारी व जीएसएस निर्माण का ठेका फलोदी प्रधान के पिता महिपाल भादू की कम्पनी ने ले रखा है। जबकि हमले के आरोपी बचनाराम, मांगीलाल, शैतानराम, हीरकनराम, मनोहरलाल, बिरदाराम व अन्य रिश्ते में महिपाल भादू के भाई हैं और जो मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त बताए जाते हैं। बचनाराम डोडा पोस्त तस्करी और पुलिस पर फायरिंग में वांछित है। दोनों पक्षों में लम्बे समय से पारिवारिक रंजिश है।

करोड़ों का ठेका आंख की किरकिरी

प्लांट में चार दीवारी व जीएसएस निर्माण का ठेका करोड़ों रुपए का है। ११ नवम्बर को इसके शिलान्यास के बाद भी हमला हुआ था। तब सुरक्षा के लिए ६८ हजार रुपए प्रतिदिन के भुगतान पर पुलिस के हथियारबंद जवान तैनात किए थे। भादू को ठेका मिलना भी हमले का कारण हो सकता है। नामजद हमलावर निर्माण कार्य से जुड़े नहीं हैं। एेसे में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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