सनसिटी में अब बाइक नहीं, बाइकर्स ग्रुप का न्यू ट्रेंड, फिटनेस के साथ एडवेंचर का क्रेज

सनसिटी में अब बाइक नहीं, बाइकर्स ग्रुप का न्यू ट्रेंड, फिटनेस के साथ एडवेंचर का क्रेज

Ranveer Choudhary | Publish: Jun, 14 2019 10:03:21 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

लेफ्टिनेंट, डॉक्टर, इंजीनियर है बाइकर्स ग्रुप में

पॉजीटिव थोट

 

 

जोधपुर.
शहर में महंगी व रेसिंग बाइक का शौक रखने वाले युवाओं ने अब अपना ट्रेंड थोड़ा बदला है। अब बाइकर्स ग्रुप बनाने का नया ट्रेंड चल निकला है। युवा रोमांच के लिए 15 से 20 के ग्रुप में बाइक पर अलग-अलग जगहों पर घूमने जाते हैं। शहर में ऐसे 20 से ज्यादा ग्रुप हैं। इसमें एक ऐसा ग्रुप भी है, जिसमें 30 से 40 की उम्र के डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमेन, मैनेजर हैं, यह ग्रुप हर साल हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सेना के जवानों की हौसला अफजाई करता है। बाइकर्स ने पुलवामा शहीदों के परिजनों को लोगों के श्रद्धाजंलि पत्र सौंपे तो करगिल, नेपाल, जैसलमेर, गुजरात बॉर्डर पर जाकर जवानों के साथ दीवाली, होली जैसे त्योहार मनाकर हौसला बढ़ाया।

2 हजार किलोमीटर का सफर कर पुलवामा पहुंचे
रॉयल राइडर क्लब के स्वरूप रॉय ने बताया कि पुलवामा शहीदों को श्रद्धाजंलि देने के लिए उन्होंने शहर के 500 लोगों से शहीदों के नाम संदेश लेकर शहीदों के परिजनों को दिए। इसके लिए 20 बाइकर्स 2 हजार किलोमीटर का सफर करके राजस्थान के 6 शहीदों के घर जाकर उनके परिजनों से मिले।

बॉर्डर पर तैनात जवानों में बांटी मिठाइयां

सेना के जवान होली, दीवाली जैसे त्योहार पर भी देश की सुरक्षा के लिए बॉर्डर पर तैनात रहते हैं। ऐसे में गत वर्ष दीवाली पर उनका ग्रुप जैसलमेर बॉर्डर गया और जवानों के साथ दीवाली मनाई और मिठाई भी बांटी।
नेपाल बॉर्डर पर जाकर अफवाहें खत्म की

गत वर्ष सोशल मीडिया पर अफवाहें चली कि भारत-नेपाल बॉर्डर पर दोनों सेनाओं में तनाव का माहौल है। इसके कारण नेपाल में हमारे देश के टूरिस्ट के साथ दुव्र्यवहार किया जा रहा है। बॉर्डर के माहौल को देखने के लिए उनका ग्रुप करीब 1500 किलोमीटर का सफर कर नेपाल गया। जाने पर पता लगा कि भारत-नेपाल के बीच शांति का माहौल हैं। अफवाह खत्म करने क े लिए वे आठ दिन बॉर्डर पर जवानों के साथ रूके थे। इसके बाद वहां बिताए अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर कर अफवाहों को खत्म किया।
साल में एक बार बॉर्डर के जवानों से मिलने जाते है

स्वरूप रॉय ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में 9 बाइकर्स का ग्रुप बनाया था। उनकी पहली राइड 2 जून को जैसलमेर बॉर्डर की थी। अब वे हर वर्ष 2 जून को हजारों किलोमीटर का सफर कर सेना के जवानों की हौसला अफजाई के लिए जाते हैं।

डाक्टर से लेकर टीचर

रॉयल राइडर ग्रुप में में सेना के अधिकारियों, डॉक्टर, इंजीनियर, मैनेजर, एडवोकेट से लेकर हर वर्ग से जुड़े 75 बाइकर्स हैं। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल देवीक कंडपाल, कर्नल प्रशांत पाटील, कर्नल कुलदीप गिल, डॉक्टर सुरेश शर्मा, एडवोकेट सुनिल बिश्नोई, इंजीनियर सुभाकांत जावा, डिस्कॉम के शेरेेंद्र सहित हर प्रोफेशन से जुड़े 75 बाइकर्स हैं।

इधर इन बाइकर्स के उत्पात से लोग सो नहीं पाते हैं
शहर में पिछले काफी समय से बाइकर्स के कुछ ग्रुप साइलेंसर को मोडिफाइड कर मोटरसाइकिलों की आवाज को दो गुना कर देते हैं। इसके बाद वे रात के समय शहर की सडक़ों व कॉलोनी में तेज रफ्तार में बाइक चलाते हैं। गत दिनों चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर चार में बाइकर्स के एक ग्रुप ने देर रात उत्पात मचाते हुए मकानों पर पथराव व लोगों के साथ मारपीट की। विवाद का कारण युवकों के मोटरसाइकिलों पर रात के समय तेज रफ्तार में कॉलोनी से गुजरने और लड़कियों को कमेंट करना था। इससे परेशान होकर लोगों ने बाइकर्स को टोका तो उन्होंने मारपीट व पथराव कर उत्पात मचाया।

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