अब कोरोना तुम्हारे हवाले साथियों, जिम्मेदार कहीं और व्यस्त हैं

 

 

अब तो जनता खुद ही रखे अपना ख्याल, जिम्मेदारों ने एहतियात कर दी बंद

संक्रमितों के घरों पर नहीं लग रहा बोर्ड, होम क्वॉरंटीन में क्या करना है, पता नहीं

By: Abhishek Bissa

Published: 08 Oct 2020, 04:00 AM IST

जयपुर. जोधपुर

राजधानी जयपुर और जोधपुर में कोरोना संक्रमण प्रदेश में सबसे विस्फोटक स्थिति में है। बीते एक पखवाड़े के दौरान संक्रमितों की संख्या रोजाना ही सर्वाधिक है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आवश्यक एहतियात कदम उठाना बंद कर दिया है। अब ना संक्रमितों के बाहर बोर्ड लगाने की व्यवस्था है, और ना ही मरीजों को यह बताया जा रहा है कि आपको होम क्वॉरंटीन में क्या करना है। जिले के अधिकारियों की लापरवाही ने स्थितियां ऐसी बना दी है कि अब आमजन को ही अपनी सेहत की सुरक्षा का ख्याल रखना होगा।

ये बड़ी चूक भारी पड़ रही जयपुर-जोधपुर के लिए...

1. राजस्थान पत्रिका ने एक महीने पहले ही कम्यूनिटी स्प्रेड की स्थिति बताई थी, लेकिन इसके एक महीने बाद मंत्री ने लो कम्यूनिट स्प्रेड की स्थिति को स्वीकार किया। चिकित्सा विभाग तो आधिकारिक तौर पर एक बार भी अब तक यह नहीं कह पाया है कि जयपुर जिला कम्यूनिटी स्प्रेड में है, जिससे लोग आगाह रह सकें।

2. सीरो सर्वे जयपुर में हुआ लेकिन जोधपुर में नहीं। इसी से कम्यूनिटी स्प्रेड की स्थिति का सटीक अंदाजा लग सकता है, लेकिन अब तक इसके नतीजे ही नहीं आ पाए हैं, अधिकारी इस काम को केन्द्र का बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
3. शुरुआत में आनन-फानन में क्वारंटीन सुविधाओं पर पैसा बहाया गया, एक-एक दिन का 24 हजार रुपए तक का खर्चा किया गया, जो अब भारी पड़ रहा है।

4. जयपुर में किसी भी तरह की सख्ती का कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे लोगों में यह संदेश जाए कि अभी कोरोना गया नहीं है, खतरा बरकरार है, जबकि दूसरे कई जिले अपने यहां ऐसे कदम उठाकर हालात को नियंत्रित कर पाने में काफी हद तक सफल रहे हैं।
5. जयपुर में कोविड जांच बढ़ाने की रफ्तार बेहद धीमी रही, जोधपुर ने शुरू से ही जांचों की रफ्तार तेज रखी, जिससे अब वहां हालात जयपुर की तुलना में काफी नियंत्रित हो चुके हैं।

6. संक्रमितों की संख्या तेजी से बढऩे पर भी कोविड डेडिकेटेड सुविधा युक्त सरकारी अस्पताल स्थापित ही नहीं हो पाए, कुछ निजी अस्पताल संक्रमितों को लूटते रहे। नतीजा, मरीज भटकते रहे और रिकवरी व मृत्यु दर खराब होती गई।
7. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। धारा 144 का उल्लंघन खुद सरकारी विभाग कर दर्जनों लोगों की भीड़ जुटा रहे हैं।

8. कफ्र्यू तो अब कागजी ही रह गए हैं, मौके पर सख्ती नाम की कोई चीज नजर नहीं आ रही।
9. बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की कोई पालना नहीं हो रही, कोरोना काल से पहले की तरह ही भीड़ उमड़ रही है।

10. अधिकारी, जमीनी स्तर के सही फीडबैक ऊपर पहुंचा ही नहीं रहे हैं.. सब कुछ अच्छा बताकर नंबर बढ़वाने की कोशिशें की जा रही है।

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फैक्ट फाइल - जोधपुर

- 30 हजार को छू रहा जोधपुर में संक्रमितों का आंकड़ा
- 20 प्रतिशत के आस-पास है संक्रमण दर

- 1.36 है मृत्युदर
- 80 फीसदी है रिकवरी रेट

जोधपुर में 30 हजार के पास पहुंचे आंकड़े, साढ़े 22 हजार पर अटकी पड़ी स्टेट रिपोर्ट

वास्तविक स्थिति: जोधपुर में रिकवरी रेट चल रही 80 फीसदी और मृत्यु दर 1.36

सरकारी रिकॉर्ड: रिकवरी रेट चल रही 77 फीसदी और मृत्युदर 1.12 प्रतिशत

जोधपुर. जोधपुर में कोरोना का आंकड़ा 30 हजार छूने वाला है। शहर में बुधवार को जारी सरकारी रिपोर्ट के बाद आंकड़ा 29 हजार 784 पर पहुंच गया है। राज्य सरकार की ओर से लगातार कम-ज्यादा संक्रमितों की संख्या ने कोरोना को लेकर भ्रम पैदा कर दिया है। स्टेट की रिपोर्ट में जोधपुर में 22501 मरीज बताए जा रहे है, जो वास्तविक संख्या से 7 हजार 283 कम है। वहीं जोधपुर में रिकवर मरीजों की दर 80 फीसदी चल रही है। मृत्यु दर 1.36 है। जबकि सरकारी रिपोर्ट में 77 फीसदी रिकवर दर और 1.12 मृत्यु दर बताकर आंकड़े गलत रूप से बयां किए जा रहे है। जबकि रिकवर दर सरकार के पक्ष का पहलू है, लेकिन उसे भी सरकार आंकड़ों में कम बता रही है।

इनका कहना

किसी भी महामारी में चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकताएं बदलती है। शुरुआती चरण में हमारी प्राथमिकता अधिकाधिक सैंपल लेकर संक्रमण की चैन को तोडऩा था। वही आज हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लक्षण वाले लोगों की पहचान कर जल्द उपचार कराना है। वर्तमान समय में मुख्यमंत्री द्वारा प्रेरित जनआंदोलन ही सही मायने में संक्रमण तोडऩे में कामयाब है।

- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ

जनता की मदद चाहिए

हमने संसाधन और अपने स्तर पर सभी प्रयास कर रखे हैं। जो जागरूकता अभियान चल रहा है उसमें जनता की मदद चाहिए। अब कुछ हद तक जनता में बदलाव आया है जिसके सुखद परिणाम आ सकते हैं।

- इंद्रजीतसिंह, जिला कलक्टर जोधपुर।

Corona virus
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