scriptOn the verge of closure of MA in JNVU due to Kota University | जेएनवीयू में कोटा विवि के कारण एमए बंद होने के कगार पर | Patrika News

जेएनवीयू में कोटा विवि के कारण एमए बंद होने के कगार पर

- 16 विषय में होती है एमए, केवल 5 विषयों में सीटों से अधिक आवेदन आए
- 5 साल पहले लागू किए गए सीबीसीएस सिस्टम के कारण छात्र प्रवेश नहीं ले रहे
- कोटा खुला विवि में 1.10 लाख छात्र, 65000 छात्र अकेले जोधपुर संभाग से

जोधपुर

Published: December 23, 2021 03:45:16 pm

गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में कला संकाय में स्नातकोत्तर यानी मास्टर ऑफ आट्र्स (एमए) बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। विश्वविद्यालय में 16 विषय में एमए होती है लेकिन बुधवार को हुई काउंसलिंग में केवल 6 विषयों में ही सीटों से अधिक आवेदन आए। उसमें भी आवेदन की हार्ड कॉपी केवल पचास प्रतिशत विद्यार्थियों ने ही संकाय में जमा करवाई।
इसका प्रमुख कारण जेएनवीयू में 5 साल पहले शैक्षणिक सत्र 2016-17 में लागू किया गया क्रेडिट बेस्ट चॉइस सिस्टम (सीबीसीएस) है। इसके तहत परीक्षा की वार्षिक पद्धति खत्म करके सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया। साथ ही एमए करने वाले विद्यार्थी को तीसरे और चौथे सेमेस्टर में किसी अन्य विषय में जीरो कालांश के दौरान पढ़ाई करनी जरूरी है यानी हिंदी पढऩे वाला एमए अंतिम वर्ष में इतिहास या लोक प्रशासन या मनोविज्ञान या संस्कृत का एक विषय पढऩा पड़ता है। व्यास विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम भी आईएएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्टैंडर्ड का बनाया जिसके चलते अब अधिकांश विद्यार्थी कोटा विश्वविद्यालय शिफ्ट हो रहे हैं।
जेएनवीयू में कोटा विवि के कारण एमए बंद होने के कगार पर
जेएनवीयू में कोटा विवि के कारण एमए बंद होने के कगार पर
कोटा विवि में 60 फ़ीसदी विद्यार्थी जोधपुर के
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र कोटा स्थित वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा शिफ्ट हो गए हैं। जुलाई 2021 में कोटा विश्वविद्यालय में 1 लाख 10 हजार 113 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया। इसमें 65 हजार 688 विद्यार्थी जोधपुर संभाग के हैं। दूसरे नंबर पर जयपुर संभाग है जिसके केवल 14 हजार 509 विद्यार्थी ही है। सबसे कम भरतपुर संभाग के 3456 विद्यार्थी पंजीकृत है।
ये विषय बंद होने के कगार पर
राजस्थानी, मनोविज्ञान, संस्कृत, पत्रकारिता, डिफेंस स्ट्रेजी, अर्थशास्त्र, ललित कला, संगीत, दर्शनशास्त्र, समाज शास्त्र, लोकप्रशासन

इतिहास में सर्वाधिक 179 आवेदन
जेएनवीयू में एमए के अधिकांश विषयों में 40 सीटें हैं। अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान में ही सीटों से अधिक आवदेन आए। सर्वाधिक 179 आवेदन इतिहास विषय के लिए आए। कभी मनोविज्ञान विषय में केवल फस्र्ट डिविजन वालों को प्रवेश मिलता था, आज वहां 32 सीटों में से 28 पर ही प्रवेश हुए हैं।
जेएनवीयू में एमए की स्थिति
विषय----------- सीटें ----- आवेदन आए------प्रवेश लिया
डिफेंस स्टे्रटी ------ 30 ------ 15 ------ 12
अर्थशास्त्र ------ 40 ------ 44 ------ 35
अंग्रेजी ------ 40 ------ 80 ------ 44
फाइन आर्ट ----- 30 ------ 29 ------27
भूगोल ------40 ------ 98 ------ 44
हिंदी ------ 40 ------ 91 ------44
इतिहास ------40 ------179 ------44
संगीत ------ 18 ------ 8 ------7
पत्रकारिता ------20 ------17 ------11
दर्शनशास्त्र ------40 ------10 ------8
राजनीति विज्ञान--- 40 ------110 ------44
मनोविज्ञान ------ 32 ------ 36 ------28
लोक प्रशासन ------40 ------34 ------16
राजस्थानी ------ 40 ------20 ------ 20
संस्कृत ------ 40 ------ 17 ------ 14
समाजशास्त्र ------40 ------50 ------ 22

कोटा खुला विवि में बढ़ रहे जोधपुर के छात्र
संभाग ----जनवरी 2020 --जुलाई 2020-- जनवरी 2021--जुलाई 2021
अजमेर ------ 2586 ------ 5865 ------ 2624 ------ 4802
बीकानेर ------4391 ------9998 ------4587 ------ 7684
जयपुर ------8981 ------19080 ------9154 ------14509
जोधपुर ------18176 ------69331 ------19819 ------65688
कोटा ------ 3086 ------ 7585 ------ 3069 ------5603
उदयपुर ------4060 ------10582 ------4329 ------8371
भरतपुर ------1874 ------4843 ------1971 ------3456
कुल ------ 43154 ------127284 ------45553 ------110113
............................
‘जेएनवीयू प्रदेश का पहला विवि था जिसने सीबीसीएस सिस्टम लागू किया। हमने सेलेबस भी स्टैंडर्ड का बनाया लेकिन विद्यार्थी बगैर कक्षा में आए आराम से पास होना चाहते हैं इसलिए जेएनवीयू से मुंह मोड़ रहे हैं।’
- प्रो केएन रैगर, अधिष्ठाता, कला संकाय, जेएनवीयू जोधपुर
‘यहां फीस कम है और घर बैठे किताबें भी भेज देते हैं। कोटा विवि में आधे से अधिक जोधपुर के ही विद्यार्थी है।’
- डॉ सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ, क्षेत्रीय अधिकारी, वद्र्धमान महावीर खुला विवि जोधपुर

आइआइटी, एम्स, एनआईएफटी, निफ्ट, कृषि विवि, आयुर्वेद विवि, फिनटेक डिजिटल विवि, एमबीएम विवि, एनएलयू जैसे शैक्षणिक संस्थानों ने जोधपुर को एजुकेशन का हब बना दिया लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जोधपुर के विद्यार्थी मास्टर ऑफ आट्र्स यानी एमए करने के लिए कोटा की ओर रुख कर रहे हैं।

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