जेएनवीयू की इस मेहरबानी के चलते इन 9 कॉलेजों पर नहीं हो पा रही पुलिस कार्रवाई, छात्र परेशान

विवि की रिपोर्ट पर कॉलेज आयुक्तालय ने भी कॉलेजों के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए।

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 09 Dec 2017, 04:14 PM IST

जोधपुर . जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की सिण्डीकेट ने सामूहिक नकल प्रकरण के आरोप में तीन महीने पहले संभाग की नौ कॉलेजों पर पुलिस कार्रवाई करने अनुमति दी थी, लेकिन आज तक विवि ने कोई अमल नहीं किया। विवि ने सरकार ने इस मामले में राय मांगी है। विवि ने २१ जुलाई को नकल प्रकरण के मामले में नियम १२ (५) के तहत संभाग के नौ कॉलेजों की मान्यता निलंबित कर दी थी। विवि की रिपोर्ट पर कॉलेज आयुक्तालय ने भी कॉलेजों के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए। एक अगस्त को विवि की सिण्डीकेट बैठक में विवि कुलपति की ओर से इस संबंध में की गई कार्रवाई को सिण्डीकेट ने हरी झंडी दे दी। साथ ही नकल प्रकरण में शामिल इनविजिलेटर, परीक्षा केंद्र अधीक्षक और संबंधित कॉलेज के प्राचार्य अथवा गवर्निंग काउंसिल के सचिव के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाने के निर्देश दिए, लेकिन तीन महीने बाद भी विवि ने इस मामले को लटका रखा है।

 

सरकार से राय का बहाना

 

विवि के कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट की ओर से स्टे आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग से राय मांगी गई है, जबकि दो दिन पहले विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आई उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि विवि स्वायत्तशासी संस्थान है और सरकार इसमें दखल नहीं दे सकती।

 

कॉलेज के छात्र परेशान


नकल प्रकरण में कार्रावाई से पहले इन कॉलेजों ने अपने यहां प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी थी और सभी कक्षाओं में छात्र अध्ययनरत हैं। विवि के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि गुरुवार को समाप्त हो रही है, लेकिन इन कॉलेजों का नाम पोर्टल पर नहीं आने से ये कॉलेज परीक्षा आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे हैं। विवि द्वारा निर्णय लेने में की जा रही देरी से इन कॉलेजों में पढ़ रहे सैंकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

 

सरकार से मांगी है राय

 

इस मामले में कोर्ट ने स्टे दे दिया था, इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं करवाई। सरकार से इस मामले में आगे की कार्यवाही के लिए राय मांगी है।

प्रो. आरपी सिंह, कुलपति, जेएनवीयू

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