तस्करों पर पुलिस फायरिंग

 तस्करों पर पुलिस फायरिंग

| Updated: 16 Jan 2015, 11:56:00 AM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर।पुलिस उपाधीक्षक पर फायरिंग के आरोपियों की धरपकड़ के लिए की जा रही नाका...

जोधपुर।पुलिस उपाधीक्षक पर फायरिंग के आरोपियों की धरपकड़ के लिए की जा रही नाकाबंदी को तोड़कर गुरूवार अपराह्न दो तस्करों ने पुलिस पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। कार पर पुलिस ने पांच राउण्ड फायर किए। कार के टायर फटने के बाद पैदल भाग रहे दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर चोरी की कार जब्त कर ली।


अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) केसरसिंह शेखावत के अनुसार गत सोलह दिसम्बर की आधी रात एसीपी पर डिगाड़ी क्षेत्र में फायर करने वालों के बनाड़ में होने की सूचना के चलते नाकाबंदी की गई।



एसीपी सुनील पंवार पुलिस बल के साथ जालेली चंपावतां में ढाकों की ढाणी के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे।



तभी झालामण्ड की तरफ से आई एक इनोवा को रूकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक कार को और तेजी से भगाने लगा। पुलिस के सिपाही सड़क पर आ गए। इसके बावजूद चालक ने कार और तेज कर सिपाहियों पर चढ़ाने का प्रयास किया व भगा ले गया। पुलिसकर्मियों ने सड़क से उतरकर जान बचाई।


वायरलैस सैट पर सूचना के बाद एडीसीपी शेखावत ने स्वयं क्षेत्र में कार की तलाश में नाकाबंदी की। इस दौरान कार चालक ने यह नाकाबंदी भी तोड़ी और भगाने का प्रयास किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए एडीसीपी के गनमैन धर्माराम ने कार पर एक के बाद एक पांच राउण्ड फायर किए। जिससे एक टायर फट गया।


अनियंत्रित होने पर उन्होंने कार रोकी और वहीं छोड़कर पैदल ही भाग निकले। पुलिस अधिकारियों ने पीछा कर जालेली नायला व जालेली फौजदारा के बीच ओसियां में भल्लासरिया निवासी भवानीसिंह पुत्र सांगसिंह तथा पीपाड़ सिटी के कागल गांव निवासी पुखराज पुत्र लूम्बाराम जाट को गिरफ्तार किया। एसीपी की तरफ से डांगियावास थाने में जानलेवा हमला व राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।

चोरी की कार से डोडा पोस्त तस्करी


एसीपी (मण्डोर) रजनीश पूनिया के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि बरामद कार चोरी की है। इसकी पीछे वाली सभी सीटें खोल रखी थी। जिसका उपयोग डोडा पोस्त व शराब तस्करी में होता था।


अनेक थानों में वांटेड


आरोपी भवानीसिंह एनडीपीएस एक्ट के मामले में भीलवाड़ा के गुलाबपुरा व मध्यप्रदेश के नीमच, वाहन चोरी के मामले में डांगियावास तथा दुर्घटना के मामले में दुर्घटना थाने का वांटेड है। दिनेश मांजू हत्याकाण्ड में भी उसकी संदिग्ध भूमिका थी।

हत्याकाण्ड से कुछ घंटे पहले मण्डोर में एनडीपीएस मामले में पकड़े जाने के कारण वह वारदात में शामिल नहीं था। उसने हत्या से एक दिन पहले शेष आरोपियों के साथ जोधपुर में पार्टी की थी। वहीं, पुखराज एनडीपीएस एक्ट के मामले में चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया थाने में पकड़ा गया था और 33 महीने तक जेल में रह चुका है।

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