जोधपुर में शनिवार को शुरू हुई पुरानी अपीलों की सुनवाई में सामने आए चौंकाने वाले अपराधिक मामले..

Harshwardhan Bhati

Publish: Sep, 17 2017 04:45:45 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
जोधपुर में शनिवार को शुरू हुई पुरानी अपीलों की सुनवाई में सामने आए चौंकाने वाले अपराधिक मामले..

 

- शनिवार को शुरू हुई पुरानी अपीलों की सुनवाई में सामने आए चौंकाने वाले मामले

 

जोधपुर. सीजेआई की अपील पर शनिवार के अवकाश के दिन राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में शुरू की गई पुरानी जेल अपीलों की सुनवाई में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कई मामलों में अपराधियों के फरार हो जाने पर सरकार की ओर से 20 साल पहले अपील दायर की गई थी, लेकिन ताजा वारंट जारी नहीं कराए गए। एक मामले में 8 साल से स्टेंडिंग वारंट जारी होने के बावजूद नहीं हो रही गिरफ्तारी और सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस के अधिकांश मामलों में जमानत मिलने के बाद अपीलार्थी ही नहीं मिल रहे।

 


सरकारी अपील 20 वर्ष से लंबित

केस- 01
करीब बीस वर्ष पुराने मामले में वर्ष 1998 से लंबित एक सरकारी अपील, जिसमें अपराधी जेल से फरार चल रहा था और वारंट की तामील नहीं हो रही थी। कोर्ट द्वारा वर्ष 2002 में नया न्यायमित्र नियुक्त किया गया, लेकिन अपाराधी के खिलाफ तब नया अरेस्ट वारंट ही जारी नहीं किया गया। अब जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास ने जगरसिंह के खिलाफ नया अरेस्ट वारंट जारी करने व उसे चार सप्ताह में क्रियान्वित करने के आदेश दिए है।

 

केस-02
जस्टिस व्यास की ही पीठ में शनिवार को गंगाराम बनाम सरकार अपील के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान बताया कि उनका क्लाइंट 15 अप्रेल 2002 को सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस के बाद जमानत पर रिहा हुआ, लेकिन आज तक वापस नहीं मिला। उससे संपर्क करने का प्रयास कर अपील की सुनवाई शुरू करेंगे। आदेश के अनुसार न्याय मित्र ने आरोपी से संपर्क करने में अयोग्यता दर्शाई, इसलिए जस्टिस व्यास ने आरोपी के नाम से 5000 की राशि का जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए।

 

केस- 03
2009 में अपील दायर करने के बाद अपीलार्थी वीरमाराम फरार हो गया। उसके खिलाफ स्थाई वारंट है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हाईकोर्ट ने आरोपी को चार सप्ताह में गिरफ्तार करने के आदेश दिए..

 

 

हाईकोर्ट में नई पहल: दो एकलपीठों में शनिवार को हुई सुनवाई

 

अब तक शनिवार के दिन न्यायिक कार्य का अवकाश रहता था, लेकिन देश के मुख्य न्यायाधीश की अपील का स्वागत करते हुए हाईकोर्ट में दो एकलपीठों में जेल अपीलों व आपराधिक मुकदमों की सुनवाई की गई। वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने कोर्ट संख्या-3 में 14 मामलों में सुनवाई की। इनमें से 5 मामले निस्तारित किए गए। न्यायाधीश मनोजकुमार गर्ग ने कोर्ट संख्या-13 में १2 प्रकरणों पर सुनवाई कर कई प्रकरण निस्तारित किए।


सुबह 11 बजे शुरू हुई दोनों एकलपीठ में सुनवाई के दौरान राजकीय अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं जीए एसके व्यास व उनके सहयोगियों हनुमानसिंह गौड़, उप राजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित, कौशलेन्द्रवल्लभ व्यास, दीपक चैधरी, विष्णु कच्छवाह, अर्जुनसिंह राठौड़, लिकमाराम उपाध्याय, मूलसिंह पंवार आदि ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी कई मामलों में पैरवी की।ैं

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