मसूरिया पहाड़ी से खिसकी चट्टान, धमाका हुआ और मकान ध्वस्त

- दो कमरों में जाकर गिरे पत्थर, एक घायल
- घर्षण की आवाज सुनते ही बाहर निकलने से जनहानि टली

By: Vikas Choudhary

Published: 05 Sep 2019, 12:53 AM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
मसूरिया पहाड़ी के तहलटी पर बसी बैंक कॉलोनी। बुधवार सुबह सात बजे। मोहल्लेवासी नींद से पूरी तरह जागे भी नहीं थे कि तेज घर्षण की आवाज होने लगी। लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। राजू धानका और उसकी पत्नी तुरंत कमरों से बाहर निकल आए। पास ही कमरे में मौजूद वृद्ध मां को भी बाहर निकाला। कुछ पल में घर्षण तेज हुआ और धमाके के साथ पहाड़ी से भारी-भरकम पत्थर नीचे आ गए। राजू के मकान के दो कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए। तीसरा कमरा गिरने के कगार पर आ गया। गली के दूसरी तरफ स्थित मकान के दो कमरों के अंदर तक पत्थर गिरने से पलंग पर सो रहा एक व्यक्ति घायल हो गया। क्षेत्रवासियों में हडक़म्प मच गया।
बैंक कॉलोनी में राजू धानका का तीन कमरों का कच्चा-पक्का मकान है। एक कमरे में वृद्ध मां पूनीदेवी रहती है। राजू का कहना है कि वह सुबह सात बजे कमरे के बाहर बैठा था। तभी चट्टानों से कुछ आवाज सुनाई दी। कुछ समझ पाता उससे पहले धूल-मिट्टी के साथ छोटे पत्थर गिरने लगे। वह तुरंत कमरे की तरफ गया और पत्नी को बाहर निकाला। फिर वृद्ध मां को भी कमरे से बाहर निकाला। इतने में धमाके के साथ भारी-भरकम पत्थर उसके मकान पर आ गिरे। सिर्फ एक भारी-भरकम पत्थर के नीचे दबकर दो कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए। तीसरा कभी भी गिर सकता है।

धूल का गुबार छाया, दिखना बंद हुआ, अजीब सी दुर्गंध फैली
चट्टान का एक अन्य भारी भरकम हिस्सा बालाजी मंदिर रोड निवासी रमेश पुत्र उदयकिशन प्रजापत के मकान के पिछले हिस्से पर जा गिरा। एक कमरे की दीवार टूट गई। रमेश की ९५ वर्षीय मां पलंग पर सो रही थी। पलंग पर पत्थर गिरे, लेकिन गनीमत रही कि वृद्धा को चोट नहीं आईं। पत्थर के दो बड़े टुकड़े पास स्थित दूसरे कमरे का दरवाजा तोडक़र पलंग पर सो रहे त्रिलोक के पांव पर जा गिरे। वह घायल हो गया और खून निकलने लगा। दोनों कमरों में पत्थर ही पत्थर हो गए। मेडिकल व्यवसायी रमेश का कहना है कि तेज घर्षण की आवाज और धमाके के साथ बड़े-बड़े पत्थर गिरना शुरू हुए। मोहल्ले में धूल का गुबार छा गया और अजीब सी दुर्गंध फैल गई।

निगम ने थमाए मकान खाली करने के नोटिस
हादसे का पता लगते ही नगर निगम का राहत दस्ता मौके पर पहुंचा। तलहटी में बसे कई मकान मालिकों को नोटिस थमा मकान खाली करने के निर्देश दिए।

क्षेत्रवासियों में भय
चट्टानें खिसकने और मकानों पर पत्थर गिरने से क्षेत्र में रहने वालों के चेहरे पर खौफ स्पष्ट नजर आ रहा है। हादसा स्थल के आस-पास के कुछ लोगों ने मकान खाली भी कर दिए। पहाड़ी की जिस जगह से चट्टान खिसकी है उसके ऊपर तक लोगों के मकान बने हैं। जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।

खतरे में तलहटी, कई चट्टानें खिसकने की कगार पर
हादसा स्थल वाली पहाड़ी की कई और चट्टानें खतरे के मुहाने पर हैं। ये चट्टानें जगह छोडऩे लगी हैं। कभी भी भारी-भरकम पत्थरों के गिरने का अंदेशा है। तलहटी में बसे मकानों पर खतरा मण्डरा रहा है।

चट्टानें व मलबा ज्यों का त्यों, हटाना चुनौतीपूर्ण
शाम तक चट्टानें व मलबा ज्यों का त्यों पड़ा है। भारी-भरकम पत्थर हटाने का काम चुनौतीपूर्ण है। पत्थर हटाना शुरू करते ही ऊपर से और चट्टानें खिसकने का अंदेशा रहेगा। रमेश ने जिला कलक्टर (द्वितीय) को निगम आयुक्त के नाम परिवाद सौंप चट्टानों का मलबा हटाने व मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुननिर्माण कराने की मांग की है।

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