जोधपुर में अब वैज्ञानिक बताएंगे ड्रेनेज और ट्रैफिक जैसी समस्याओं का समाधान, खुलेगा वैज्ञानिक सलाह कार्यालय

जोधपुर में अब वैज्ञानिक बताएंगे ड्रेनेज और ट्रैफिक जैसी समस्याओं का समाधान, खुलेगा वैज्ञानिक सलाह कार्यालय

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 14 Aug 2019, 11:46:26 AM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर सहित देश के छह शहर नॉलेज व इनोवेशन क्लस्टर में शामिल, केन्द्र सरकार का प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय करेगा फंडिंग, जोधपुर आइआइटी में बीते दिनों हुआ मंथन

 

अविनाश केवलिया/जोधपुर. यदि कोई उद्योग समस्या से जूझ रहा है या शहर का ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं है तो उसका समाधान अब वैज्ञानिक बताएंगे। यह बात सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन केन्द्र सरकार के इस अनूठे प्रोजेक्ट में यही बात शामिल की गई है। जोधपुर सहित देश के छह शहरों में केन्द्र सरकार ने अनूठी पहल है। सरकार के एकल खिडक़ी प्रोजेक्ट की तरह ही एकल वैज्ञानिक सलाहकार केन्द्र खोले जाने प्रस्तावित हैं। केन्द्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (पीएसए) की ओर से यह प्रोजेक्ट लॉन्च किया जाएगा।

मोदी सरकार 2.0 के पहले 100 दिन की कार्ययोजना में इसे रखा गया है।जोधपुर सहित भुवनेश्वर, चंडीगढ़, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को इसमें शामिल किया गया है। राजस्थान से एकमात्र शहर जोधपुर को इसके लिए चुना गया है। शहरों को चुनने की यह प्रक्रिया भी पीएसए ने की है। जोधपुर का चयन यहां की औद्योगिक विविधता और यहां एजुकेशन इंस्टीट्यूट की संख्या अधिक होना रहा।

क्या होगा क्लस्टर में
प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर पीएसए ऐसे क्लस्टर को विकसित करने पर काम रहा है। ऐसे कार्यालय बनाए जाएंगे जहां वैज्ञानिक सलाह के लिए उपलब्ध होंगे। यदि किसी उद्योग को तकनीक संबंधी समस्या आ रही है या किसी पब्लिक सेक्टर यूनिट को किसी योजना में कोई वैज्ञानिक मदद चाहिए तो वह पीएसए उपलब्ध करवाएगा। जिस शहर में कार्यालय लगाया जाएगा वहां एक सीईओ भी तैनात किया जाएगा।

इन समस्याओं का हो सकेगा समाधान

- उद्योगों में प्रदूषण
- उद्योगों में तकनीक उन्नयन
- डम्पिंग वेस्ट मैनेजमेंट
- जल संरक्षण व पुन: उपयोग
- ट्रैफिक सिस्टम
- ड्रेनेज सिस्टम

अब आगे क्या?
जल्द ही इन क्लस्टर के कार्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए आइआइटी जोधपुर ने पहल की है। इसके बाद ये क्लस्टर शहरी समस्याओं से जुड़े प्रोजेक्ट लेगा। आइआइटी के साथ अन्य संस्थाएं जैसे एनएलयू, एम्स भी इसके समाधान के लिए जुड़ेंगे। इनका वैज्ञानिक तरीके से कैसे समाधान हो सकता है इस पर एडवाइजरी जारी की जाएगी।

आइआइटी ने दिखाई रुचि
जोधपुर आइआइटी परिसर में बीते दिनों पीएसए के वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों व जोधपुर के चुनिंदा उद्यमियों की एक बैठक हुई। इसमें नॉलेज व इनोवेशन क्लस्टर के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। पीएसए की टीम ने स्थानीय स्तर पर समस्याएं जानी और उनका समाधान कैसे हो इस पर भी जानकारी जुटाई। तीन दिन तक यह टीम जोधपुर में रही।

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