ये हवाओं के बाजीगर, स्काई डाइविंग में इंडिया को कर रहे रिप्रजेंट

-रामेश्वर जांगड़ा एडवेंचर स्पोर्टस की दुनिया में कर रहे कमाल

 

By: Arvind Singh Rajpurohit

Updated: 05 Sep 2019, 12:08 AM IST

जोधपुर.आंधियों को जिद है यदि आशियां गिराने की तो हमें भी जिद हैं आसमां पर आशियां बनाने की। इसी कहावत को चरितार्थ करते दिखाई दे रहे हैं जोधपुर मूल के रामेश्वर जांगड़ा, जो स्काइ डाइविंग में कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। इनकी कामयाबी का लोहा सिर्फ इंडिया ही नहीं बल्कि विदेशी भी मानते हैं। जिस आसमां की उंचाई देखकर अच्छे अच्छों के गले का पानी सूख जाता है उस आसमां में बड़ी ही सहजता के साथ कलाबाजियां दिखाकर जमीं पर लौटने का हुनर है। पिछले तीन वर्षों से इंडिया को एडवेंचर स्पोर्टस में रिप्रजेंट कर रहे जांगड़ा दुनिया में कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर चुके हैं।

एशियन रिकॉर्ड किया अपने नाम

जांगड़ा ने २०१७ में अमेरिका के ओवर्टन नेवाडा में हुए इवेंट में इंडिया को रिप्रजेंट करते हुए एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किए। आसमां से ३ हजार मीटर की उंचाई से २ हजार मीटर आने में २८४.४ किमी प्रति घंटे की स्पीड में एवं उड़ान के दौरान ही आसमां में ही निर्धारित गोल के साथ हॉरिजोंटल डिस्टेंस में ४.७ किमी का एशियन रिकॉर्ड बनाया। इससे पूर्व वर्ष २०१६ में गुजरात के अमरेली में हुए इवेंट में टीम के साथ सैकेंट पोजिशन हासिल की। स्काइ डाइविंग में उड़ान के दौरान तीन टास्क दिए जाते हैं। उसके आधार पर अवॉर्ड दिए जाते हैं। जिनमें प्रथम टास्क तीन हजार मीटर की उंचाई से दो हजार मीटर तक आने में कितने समय तक आसमां में रह सकते हैं। सैकेंड स्पीड व थर्ड नीचे आने के बजाय हॉरिजोंटल कितनी दूरी नाप सकते हैं का टास्क होता है।

१०९० बार कर चुके हैं स्काई डाइविंग
जांगड़ा अब तक १०९० बार आसमां से स्काई डाइविंग कर चुके हैं। जांगड़ा ने बताया कि फसर््ट टाइम थोड़ा डर लगा, लेकिन आसमां में उड़ान भरने के बाद रोमांचकारी अनुभव हुआ। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साथ ही कहा कि इंडिया में एडवेंचर स्पोर्टस बढ़ रहा है, इसमें लोगों की रुचि भी हैं, लेकिन सरकार को इसमें ज्यादा डवलपमेंट करना चाहिए।

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, पीएम मोदी ने भी दी शाबासी

एडवेंचर स्पोर्टस में इंडिया का नाम गौरव से उंचा करने वाले रामेश्वर को हाल ही में २९ अगस्त को नई दिल्ली में हुए एक समारोह में 'तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार Ó से सम्मानित किया। यह राष्ट्रीय साहसिक कार्यों के लिए दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च पुरस्कार है। जांगड़ा एफएआइ्र रैंकिंग २०१८ के अनुसार वर्ष २०१८ में एशिया के सर्वश्रेष्ठ विंगशूट पायलट रहे। इसलिए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया। वहीं अवार्ड मिलने से पूर्व पीएम मोदी ने सभी अवार्ड पाने वालों से मूलाकात की। पीएम ने उन्हें स्काइडाइविंग में देश का नाम रोशन करने के लिए बधाई भी दी।

Arvind Singh Rajpurohit
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