पत्रिका स्टिंग : धन के लालच में दुकानदार बेच रहे यह घातक माल

Jitendra Singh Rathore

Publish: Apr, 13 2018 11:39:48 AM (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India

बिना परामर्श पर्ची मिल रही गर्भपात की मिसोप्रोस्टल व मिफेप्रिस्टोन की गोलियां, औषधि नियंत्रण संगठन विभाग अंधेरे में

अभिषेक बिस्सा/कुणाल पुरोहित/जोधपुर. शहर के कई मेडिकल स्टोर पर गर्भपात की गोलियां नियमों को ताक पर रखकर बेची जा रही हैं। इन गोलियों के मनमाने दाम तक वसूले जा रहे है, जबकि इन गोलियों को नियम विरुद्ध बेचना भी कानूनन अपराध है। शहर में कई दवा दुकानदार औषधि नियंत्रण संगठन से बेखौफ हैं, जबकि जानकार बताते हैं कि विभाग की मिलीभगत के कारण मेडिकल स्टोर संचालकों के हौसले बुलंद हैं। राजस्थान पत्रिका टीम ने बासनी क्षेत्र की दो मेडिकल दुकानों पर पड़ताल की। इस दौरान दुकानदारों ने अपनी दुकान पर माल नहीं होने का हवाला देते हुए अन्यत्र जगहों से गर्भपात की दवाएं मंगवाकर दी। पत्रिका रिपोर्टर ने एक सामान्य पर्ची पर मिसोप्रोस्टल (दवा का नाम) लिखकर दुकानों पर बताया था। दुकानदारों ने बड़ी आसानी से दवा उपलब्ध करवा दी।

 

मिशन निदेशक की बैठक में भी आई थी बात सामने
औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा ने एक सर्कुलर जारी कर बताया था कि गत 8 दिसंबर को एनएचएच मिशन निदेशक की अध्यक्षता में औषधि नियंत्रण अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक हुई थी। जिसमें सामने आया कि कुछ औषधि विक्रेता चिकित्सकीय गर्भसमापन अधिनियम -1971 (एमटीमी-एक्ट 1971) तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन करते हुए बिना पंजीकृत व अधिकृत चिकित्सक सेवा प्रदात्ता के परामर्श के ही अपने ग्राहकों को गर्भपात की गोलियां मिसोप्रोस्टल एंड मिफेप्रिस्टोन बेच रहे हैं। उसके बावजूद जोधपुर में औषधि नियंत्रण संगठन अलर्ट नहीं हुआ है। गर्भवती की जान को खतरा जोधपुर में शैड्यूल एच की गोलियां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। कानूनन किसी अपंजीकृत या अनाधिकृत व्यक्ति की ओर से गर्भ समापन करना एमटीपी एक्ट के अनुसार दंडनीय अपराध है, जिसमें 2 से 7 वर्ष की सजा भी हो सकती। बिना परामर्श के दवा बेचते पाए जाने पर औषधि विक्रेता का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। इन गोलियों को बिना चिकित्सकीय राय के देने से महिला के स्वास्थ्य को हानि हो सकती है। उचित परामर्श के अभाव में कई बार गर्भपात होता तक नहीं है। जन्म लेने वाला बच्चा भी शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होता है।

 

सीन-1
पांच मिनट में दवा मंगवाने का दावा पत्रिका रिपोर्टर ने बासनी ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर गर्भपात की मिसोप्रोस्टल की गोली मांगी। इस पर कई देर तक दवा व्यापारी चुप रहा। एक-दो ग्राहकों के जाने के बाद रिपोर्टर ने फिर उनसे पूछा कि क्या यह दवा मिल जाएगी। इस पर मौजूद दवा विक्रेता ने पांच मिनट में दवा मंगवाने की हामी भरी। करीब पन्द्रह मिनट बाद रिपोर्टर के पुन: दुकान पर पहुंचने के बाद दो में से एक दवा विक्रेता ने अंदर ले जाकर दवा दी। उसके बाद बाकायदा समझाया कि एक दवा सुबह हल्के नाश्ते के साथ और दूसरे-तीसरे दिन दो-दो गोली साथ गर्भवती को देनी है। इस दवा के लिए रिपोर्टर से 7 सौ रुपए मांगे गए। जबकि यह दवा 675 रुपए की थी। रिपोर्टर ने यहां दवा न लेकर एटीएम से पैसे निकलवाने की बात कहकर चला गया। जबकि यहां एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आकर दवा विक्रेता को दवा दे गया था।

 

सीन-2
चुपचाप जेब में डाल लो इसके बाद पत्रिका रिपोर्टर इसी क्षेत्र में एक और दवा दुकान पर पहुंचा। रिपोर्टर ने दवा दुकानदार से मिसोप्रोस्टल नामक गोली मांगी। मौजूद दुकानदार ने पूछा कि यह दवा किस कार्य के लिए ले जा रहे हो। रिपोर्टर ने तर्क दिया कि वे तो अपने किसी मिलने वाले के लिए गर्भपात की दवा ले जा रहे है। इस पर ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले दुकानदार ने कहा कि दस-पन्द्रह मिनट लगेंगे। कुछ देर में दवा आ गई। इस दौरान दुकानदार ने कहा कि आप तो तुरंत जेब में डाल लो, जिस पर रिपोर्टर ने कहा कि वह एटीएम से पैस निकलवाकर ला रहा है। यहां भी दवा मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति ही लेकर आया था।

(पत्रिका के पास दोनों स्टिंग के वीडियो मौजूद हैं)

 

47 दिन के भीतर लेनी होती है दवा यह दवा गर्भवती को 47 दिन के भीतर दी जाती है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा लेना खतरनाक हो सकता है। गर्भवती के स्वास्थ्य को भी खतरा रहता है।
डॉ. रंजना देसाई, अधीक्षक, उम्मेद अस्पताल

 

निरीक्षण करेंगे आपने यह घटना बताई है। हम इस मामले में निरीक्षण करेंगे। संबंधित स्टोर्स से जानकारी भी लेंगे।

राकेश वर्मा, सहायक औषधि नियंत्रक

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned