कोचिंग सेंटर संचालक देने वाला था परीक्षा, 4.50 लाख रुपए व 5-5 लाख के दो चेक जब्त

- रीट परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बिठाने की गैंग पकड़ी
- कोचिंग सेंटर संचालक व सरकारी अध्यापक और दो अभ्यर्थी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश
- फर्जी अभ्यर्थियों के फोटो लगे अनेक प्रवेश पत्र व फर्जी आधार कार्ड भी जब्त

By: Vikas Choudhary

Published: 25 Sep 2021, 10:41 PM IST

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
जिला विशेष टीम (डीएसटी) पूर्व और महामंदिर थाना पुलिस ने पावटा लक्ष्मी नगर के मकान में दबिश देकर रीट परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बिठाने वाली गैंग के सरगना कोचिंग सेंटर संचालक और सरकारी अध्यापक व दो मूल अभ्यर्थियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। कोचिंग सेंटर संचालक एक अभ्यर्थी से नौ लाख रुपए व दूसरे अभ्यर्थी से दस लाख रुपए के दो चेक के बदले फर्जी अभ्यर्थी बिठाने वाला था। एक फर्जी अभ्यर्थी सहित अन्य की तलाश की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) भुवन भूषण यादव ने बताया कि रीट परीक्षा में नकल कराने व फर्जी अभ्यर्थी बिठाने वालों की धरपकड़ के लिए मानजी का हत्था में कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। साइबर सैल की मदद से गोपनीय सूचनाएं व मोबाइल डाटा संकलित किए गए। तब मानजी का हत्था में मीरां गुरुकुल कोचिंग संस्थान के संचालक भंवरलाल बिश्नोई पर संदेह हुआ। वह सांचौर के अभ्यर्थी रमेश बिश्नोई की जगह परीक्षा देने वाला था। इस कार्य के बदले उसने नौ लाख रुपए में सौदा कर ४.५० लाख रुपए अग्रिम लिए थे।

इस आधार पर पुलिस ने लक्ष्मी नगर में मकान में दबिश देकर बाड़मेर के धोरीमन्ना तहसील के बाछला गांव निवासी भंवरलाल (२८) पुत्र पूनमाराम बिश्नोई, जालोर जिले में चितलवाना थानान्तर्गत डावल गांव निवासी रमेश कुमार सारण (२९) पुत्र भाकरराम बिश्नोई, धोरीमन्ना में भीमतल निवासी रावताराम गोदारा (२५) पुत्र दुर्गाराम जाट व धोरीमन्ना में रोहिल्ला निवासी मोहनलाल (३८) पुत्र उदाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई में निरीक्षक लेखराज सिहाग, सत्यप्रकाश बिश्नोई, डीएसटी प्रभारी दिनेश डांगी, एसआइ महेशचंद, एएसआइ पुखराज, हेड कांस्टेबल कमरू खां, रामपाल, कांस्टेबल ओमाराम, देवाराम, जयराम आदि शामिल थे।

बतौर सरकारी शिक्षक तीन साल से अनुपस्थित
एडीसीपी (पूर्व) भागचंद मीणा ने बताया कि कोचिंग संस्थान संचालक भंवरलाल गिरोह का मास्टर माइण्ड है। पांच वर्ष पूर्व वह सरकारी शिक्षक चयनित हुआ था, लेकिन वह तीन साल से अनुपस्थित है। दो साल से कोचिंग सेंटर चला रहा है।

४.५० लाख रुपए, ५-५ लाख के दो चेक जब्त
एसीपी (पूर्व) भागचंद मीना ने बताया कि मास्टर माइण्ड भंवरलाल ने रमेश की जगह देने के लिए नौ लाख रुपए में सौदा किया था। प्रथम किस्त के उससे ४.५० लाख रुपए अग्रिम लिए थे। रमेश एक महीने से उसी के साथ लक्ष्मी नगर में रह रहा था। तलाशी के दौरान भंवरलाल से ४.५० लाख रुपए, ५-५ लाख रुपए के दो चेक बरामद किए गए। जो अभ्यर्थी रावताराम के बैंक ऑफ बड़ोदा की धोरीमन्ना शाखा के हैं।

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