बिजलीघर से सटी सर्किट हाउस की दीवार फांद पहुंचा था राष्ट्रपति के पास

Vikas Choudhary

Updated: 09 Dec 2019, 12:37:48 AM (IST)

Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.
सर्किट हाउस में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तक पहुंच उनके पांव छूने वाले को रविवार को अदालत के आदेश पर दो दिन के रिमाण्ड पर भेज दिया। वह बिजलीघर की दीवार फांद सर्किट हाउस में राष्ट्रपति तक पहुंचा था। उससे पूछताछ कर जानने का प्रयास किया जा रहा है कि जोधपुर पहुंचने के बाद वह किस-किस से मिला और किनसे बात की। पुलिस के अनुसार पीसांगन (अजमेर) में बड़ी हथाई के पास रहने वाला दिनेशचन्द्र रांकावत शुक्रवार को जोधपुर आया था। उसका यहां ससुराल है। उसने इंजीनियरिंग और एमबीए कर रखी है। पुलिस इन डिग्रियों की जांच कर रही है। फिलहाल वह कोई काम नहीं कर रहा। वह शनिवार सुबह बेरोकटोक सर्किट हाउस से सटे बिजलीघर में पहुंचा। वहां लघुशंका करने के बाद दो-तीन फुट ऊंची दीवार फांद सर्किट हाउस में पार्र्किंग तक जा पहुंचा था। वहां चालकों से कुछ देर बातचीत की थी। उसने नेताओं की तरह सफेद कुर्ता-पायजामा पहना था। इस दौरान कुछ जनप्रतिनिधि वहां आए और वाहन से उतरकर राष्ट्रपति से मिलने जाने लगे। दिनेश भी इनके पीछे राष्ट्रपति तक जा पहुंचा और उनके पांव छू लिए थे।

लिखित आग्रह के बावजूद ऊंची नहीं कराई दीवार
घटनाक्रम की जांच कर रहे डीसीपी धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों के दौरान सर्किट हाउस की चारदीवारी ऊंची करने के लिए जिला प्रशासन से लिखित में आग्रह किया गया था। पीछे की दीवार कुछ ऊंची की गई, लेकिन बिजलीघर से सटी दीवार वैसी ही छोड़ दी गई थी। आरोपी से दुबारा कुदाई दीवार चारदीवारी पर ४५ सिपाही तैनात थे। बिजलीघर से सटी दीवार पर बीकानेर पुलिस के रीक्रूट कांस्टेबल तैनात थे। आरोपी दिनेश के नेताओं जैसे कपड़े देख उसे भी नेता समझ लिया और गफलत में पास की जांच नहीं की। पुलिस उसे थाने ले गई और राष्ट्रपति के एम्स के लिए रवाना होने के बाद उसे फिर मौके पर लाकर वही सीन रिक्रिएट किया गया। इसके बाद बीकानेर पुलिस के चार कांस्टेबल और उदयमंदिर थाने की दो महिला कांस्टेबल को निलम्बित कर दिया गया।
चौकसी में गफलत
- सर्किट हाउस के चारों ओर स्वीकृत पासधारकों को ही आने-जाने की अनुमति थी। फिर भी दिनेश पहले बिजलीघर, फिर दीवार फांद सर्किट हाउस में घुस गया।
- सर्किट हाउस की चार दीवारी पर ४५ सिपाही तैनात थे। इनमें से किसी की नजर दिनेशचन्द्र पर नहीं पड़ी।
- सर्किट हाउस की पार्र्किंग में वह काफी देर तक चालकों से बात करता रहा। किसी को संदेह नहीं हुआ।
- अंत में वह विशेष डोम में राष्ट्रपति तक जा पहुंचा, लेकिन किसी ने उससे पास के बारे में पूछा तक नहीं।

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