लाखों के पैकेज छोड़ कर कृष्णभक्ति में जुटे ये टेक्नो युवा

लाखों के पैकेज छोड़ कर कृष्णभक्ति में जुटे ये टेक्नो युवा
Techno Youths for Spiritual Studies

Harshwardhan Singh Bhati | Publish: Oct, 19 2016 11:56:00 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

अधिकतर उम्र के ढलाव पर लोग भागवतगीता के रास्ते पर चलने और भक्ति की सोचते हैं, फिर भी उनके लिए भक्ति की राह आसान नहीं होती। वहीं अक्षय पात्र संस्थान में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त किए युवा घर-बार सहित लाखों के पैकेज छोड़कर भागवतगीता अध्ययन और भक्ति कर रहे हैं।

अधिकतर उम्र के ढलाव पर लोग भागवतगीता के रास्ते पर चलने और भक्ति की सोचते हैं, फिर भी उनके लिए भक्ति की राह आसान नहीं होती। वहीं अक्षय पात्र संस्थान में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त किए युवा घर-बार सहित लाखों के पैकेज छोड़कर भागवतगीता अध्ययन और भक्ति कर रहे हैं।


जोधपुर स्थित अक्षय पात्र संस्था में भी एमएनआईटी और उच्च संस्थानों से निकले सात युवा सालों से भागवतगीता, ईशोपनिषद, चैतन्य चरितामृत, ब्रह्म संहिता जैसे धार्मिक ग्रंथों का सतत अध्ययन तो कर ही रहे हैं, साथ ही अपने जीवन को आधुनिकता की अंधी दौड़ से दूर रखते हुए धर्म-दर्शन को बढ़ावा देने में लगे हैं।


सात्विक और सादगीपूर्ण दिनचर्या के तहत ये प्रतिदिन भागवतगीता के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी, एनएलयू जैसे उच्च शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को व्याख्यान देते हैं और गरीब स्कूली बच्चों को भी भरपेट भोजन की योजना से जोड़ते हैं।


7 में से 6 युवा इंजीनियर

अक्षय-पात्र संस्था में रहने वाले सात युवाओं में से 6 युवा इंजीनियर हैं। इनमें राजस्थान के रहने वाले भक्त अवतारदास (मूल नाम भानुप्रकाश अग्रवाल) ने एमएनआईटी जयपुर से बीटेक किया और पिछले पांच साल से भगवद् भक्ति में लगे हैं। दूसरे उत्तरप्रदेश के निवासी सांदीपनि कृष्णदास (संदीप शर्मा) जयपुर से मैकेनिकल में बीटेक है।


तीसरे अजमेर निवासी मैत्रेयदास (मनीष) ने मैकेनिकल से बीटेक एवं चौथे अक्षरा निताई दास (अक्षय गुरनानी) और पांचवे अप्रमेय कृष्णदास भी बीटेक किए हुए हैं। वहीं बिहार के रहने वाले ऋषिकेश दास (हिमांशु) कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में एमसीए की डिग्री ले चुके हैं। इनके अलावा जगतबंधु दास (जयनारायण) राजनीतिविज्ञान में मास्टर डिग्री ले चुके हैं।


इस तरह रहती है इनकी दिनचर्या

अक्षय-पात्र संस्था से जुड़े भक्त अवतार दास और ऋषिकेश दास ने बताया कि वे सभी सुबह 3.30 बजे उठते हैं और 4.15 बजे आरती कर 5 से 7 बजे तक मेडिटेशन और सुबह 7 से 9 बजे तक स्वाध्याय करते हैं और 9 बजे के बाद सेवा और भक्ति के निर्धारित कार्यों में लग जाते हैं। शाम 6 बजे लौटने के बाद फिर आरती और स्वाध्याय कर शयन को चले जाते हैं।


सप्ताह में एक दिन ये सभी को मन नियंत्रित करने की कला, आत्मविश्वास को विकसित करना और युवाओं के लिए भागवत गीता का उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान भी देते हैं।


15 हजार बच्चों को दे रहे भोजन

अक्षय-पात्र के भक्त अवतार दास ने बताया कि संस्था का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा भोजन के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। इसलिए संस्था की ओर से जोधपुर में फिलहाल 15 हजार बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। 

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