वोटर लिस्ट में लापरवाही बरतने वाले तीन बीएलओ निलम्बित

वोटर लिस्ट में लापरवाही बरतने वाले तीन बीएलओ निलम्बित

Ranveer Choudhary | Publish: Sep, 16 2018 07:38:45 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 07:38:46 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

37 बीएओ और 2 सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस
राजस्थान पत्रिका खबर का असर

 

जोधपुर.

आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएम सिटी ने शनिवार को आदेश जारी कर 2 सुपरवाइजर, 37 बीएलओ को कारण बताओ नोटिस और 3 बीएलओ के निलम्बन की कार्यवाही के लिए संबंधित विभाग को आदेश जारी किए हैं। बीएलओ न तो चुनाव संबंधित बैठक में भाग ले रहे थे और वोटर लिस्ट में संशोधन जैसे काम में लापरवाही बरत रहे थे।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 30 अगस्त को ‘बीएलओ नहीं, बूथ पर चक्कर काट रहे नाम जुड़वाने वाले’ शीषर्क से खबर प्रकाशित कर बीएलओ के लापरवाही का खुलासा किया था। एक तरफ जिला प्रशासन लोगों को मतादाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए जागरूक करने का अभियान चला रहा है। दूसरी तरफ विभाग के कर्मचारियों की उदासीनता के चलते लोग वोटरलिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं।

शहर विधानसभा में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय क्षेत्र के भाग संख्या 117 के बीएलओ मनोज थानवी, भाग संख्या 36 के बीएलओ फिरोज खान और भाग संख्या 90 के बीएलओ गजेंद्र सिंह के खिलाफ निलंबित करने की कार्यवाही के लिए उनके विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। तीनों कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (शहर) जवाहर चौधरी ने बताया कि तीनों बीएलओ के विरुद्ध वोटर लिस्ट संशोधन के काम लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की गई हैं। उनके खिलाफ लीगल कार्यवाही भी की जाएगी। इसमें धारा 312 के तहत 2 साल की सजा का प्रावधान भी है। चौधरी ने बताया कि गुरुवार को शहर विधानसभा क्षेत्र के वोटर लिस्ट में संशोधन की बैठक आयोजित की थी। जहां 2 सुपरवाइजर एवं 37 बीएलओ अनुपस्थित रहे थे। बैठक में बीना सूचना के अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया है।

1780 मतदाता बिना बूथ के
शहर विधानसभा क्षेत्र में गत विधानसभा चुनाव के अनुसार 1 लाख 95 हजार 808 मतदाता हैं।

इनमें से 1780 मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट में हैं। लेकिन उनको बूथ जारी नहीं हुए हैं। लोग अपने बूथ का पता लगाने के लिए निर्वाचन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अभी उन्हें अपने मतदान बूथ का अभी तक पता नहीं लग पाया हैं। ऐसे मतदाता चुनाव में मतदान से वंचित रह जाते हैं।

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