नवाचार व मॉनिटरिंग से बेटियां बचाने-पढ़ाने में हम पूरे प्रदेश में अव्वल

नवाचार व मॉनिटरिंग से बेटियां बचाने-पढ़ाने में हम पूरे प्रदेश में अव्वल

Ranveer Choudhary | Updated: 13 Jul 2019, 10:59:25 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

-मोबाइल एप अपडेट में बारां से रही प्रतिस्पर्धा

- 34 हजार लाभार्थियों को 10.63 करोड़ रुपए वितरित

-पांच साल में जोधपुर में बदले हालात, शहर से लेकर गांव-ढाणी तक बदली मानसिकता

 

 

जोधपुर.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ...नारे को हकीकत में तब्दील कर जोधपुर पूरे प्रदेश में सिरमौर बना है। यहां लिंगानुपात दस प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ ऊपर चढ़ा है। असल में यह प्रशासन के साथ आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही संभव हो सका। जब आमजन ने हाथ जोड़ा तो प्रशासनिक स्तर पर भी कई नवाचार किए गए, जिसकी बदौलत जोधपुर ने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। कन्या जन्म पर यहां खुशियां मनाई जाने लगी, गांव-ढाणियों में थालियां बजने लगी। कन्या जन्म पर जहां पहले मां को कोसा जाता था लेकिन बदले परिवेश में जोधपुर में अब ऐसी माताओं को सम्मानित करने का सिलसिला चल निकला। बकौल जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित इस सम्मान के साथ अब संकल्प भी लेंगे कि बेटी का मान बढ़ाने का यह क्रम निरंतर चलता रहे।

यह किए गए 7 नवाचार
1. रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में बारां को पछाड़ा

मोबाइल एप पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी 11 प्रकार की जानकारी अपडेट करनी होती थी। इसे अपडेट में जोधपुर व बारां के बीच गत पांच साल से प्रतिस्पर्धा थी। बारां को पछाडऩे के लिए हर तीन माह में जानकारी अपडेट करने की बजाए हर माह जानकारी अपडेट करने लगे।
2. काम नहीं करने पर एक दिन का मानदेय काटा

रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में कर्मचारी को हर सप्ताह घरों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य व परिजनों को जागरूकता के लिए फिल्म दिखाई जाती थी। कई कर्मचारी हर सप्ताह लोगों के घर जाकर जानकारी अपडेट नहीं कर रहे थे। इस पर जिले की ऐसी 700 कार्यकर्ताओंं का एक दिन का मानदेय काटा।
3. हर माह में 90 से ज्यादा निरीक्षण

महिला व बाल विकास विभाग के उपनिदेशक दलवीर दढ्ढा ने बताया कि नियमों के अनुसार उन्हें हर माह में पांच बार निरीक्षण करना होता था। लेकिन उन्होंने हर माह 90 से ज्यादा निरीक्षण किए।
4. नारी की चौपाल

जिले की 466 ग्राम पंचायतों में बालिका स्वास्थय, शिक्षा, स्वच्छता, घरेलू हिंसा के विषयों पर महिलाओं व लोगों को जागरूक करने के लिए अटल सेवा केंद्र, आंगनवाड़ी, नरेगा में बैठक आयोजित कर जागरूक किया गया।
5. गुड्डा-गुड्डी बोर्ड

जिले की सभी ग्राम पंचायतों में गुड्डा-गुड्डी बोर्ड अटल सेवा केन्द्रों पर लगवाए गए एवं प्रतिमाह जन्मे बालक बालिकाओं की सूचना उस पर अंकित कर लोगों को जागरूक किया गया।
6. क्षेत्रीय महिलाओं को ब्राण्ड एम्बेसेड बनाया

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के तहत जिले की ऐसी महिलाएं जिन्होंने संघर्ष कर अपनी अलग पहचान बनाई उन्हें ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाया गया। इनमें विधायक, टीचर सहित विभिन्न वर्ग के 35 महिला व पुरुष शामिल हैं।
7. आशा सहयोगिनियों के लिए एक घंटे कार्य की अनिवार्यता

आशा सहयोगिनियां अधिकतर समय कार्य स्वास्थ्य विभाग के लिए करती थी। इस पर उन्हें दिन में एक घंटे केंद्र में कार्य करने के लिए अनिवार्य कर दिया।
यह भी किया

- उम्मेद अस्पताल में कन्या जन्म पर थालियां बजाई गई।
- जिला टास्क फोर्स व ब्लॉक टास्क फोर्स का गठन किया गया। सभी योजनाओं की मॉनिटरिंग की गई।

- बालिका जन्म पर ढूंढोत्सव की परम्परा शुरू की गई

वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक जन्म पर लिंगानुपात में तुलनात्मक रूप से सुधार स्थिति

पीसीटीएस के अनुसार बालिका शिुश जन्म (जोधपुर)
वर्ष ......................2014 .....2015....... 2016 ...2017...2018 ....2019

बालिका शिशु जन्म....938 .......944 .........950...... 950..... 967...... 971

........................

10.63 करोड़ रुपए वितरित किए
जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के प्रसव, जांच, प्रसव, टीकाकारण, जन्म पंजीकरण कर 34 हजार 760 लाभार्थियों को 10 करोड़ 63 लाख 45 हज़ार रुपए का भुगतान किया।

इनका कहना है

यह सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। संबंधित महकमों ने इस तरफ कई नवाचार किए, वहीं आमजन भी आगे आया। शहर में तो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की जागरूकता आई ही, दूरदराज के गांव व ढाणियों में भी पुरानी परिपाटी टूटी। वहां भी बेटी जन्म पर खुशियां मनाई जाने लगी। ऐसे में यह सम्मान जोधपुर जिले को मिला है। इस सम्मान के साथ यह संकल्प भी जरूरी है कि क्रम टूटे नहीं। इस तरफ ओर प्रयास करेंगे।
प्रकाश राजपुरोहित, जिला कलक्टर, जोधपुर

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