
केंद्र व राज्य सरकार की 'उदय योजना' से डिस्कॉम को मिली थी राहत, चुनाव खत्म होने पर फिर विभाग उठा रहा नुकसान
अविनाश केवलिया/जोधपुर. केंद्र और राज्य सरकार से ‘उदय’ योजना के तहत मिली करोड़ों की मदद से प्रदेश के बिजली निगमों की सेहत में आया सुधार चुनावी साल में चौपट हो गया। वोटों की राजनीति के चक्कर में अवैध कृषि कनेक्शन और घरेलू बिजली चोरी रोकने काम बंद हो गया। अब हालात यह हैं कि जोधपुर डिस्कॉम के ट्रांसमिशन लॉसेस १८ से बढक़र २२ प्रतिशत हो गए।
क्या है उदय योजना
- केन्द्र और राज्य सरकार ने इस योजना के तहत प्रदेश के डिस्कॉम को अनुदान राशि दी थी।
- तीनों डिस्कॉम का तत्कालीन कर्ज (करीब ६० हजार करोड़) अनुदान के तहत चुकाया।
- इसके बाद सभी डिस्कॉम के सिस्टम मजबूत करने और ट्रांसमिशन लॉसेस कम के लिए विशेष योजना बनी थी।
- लक्ष्य था कि डिस्कॉम के लॉसेस को १५ प्रतिशत से कम किया जाए।
पहले फायदा हुआ फिर नुकसान
‘उदय’ योजना लागू होने के बाद पिछले साल तक जोधपुर डिस्कॉम का ट्रांसमिशन लॉसेस १८ प्रतिशत तक आ गया था। लेकिन चुनावी साल में अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई में अघोषित शिथिलता दी गई। इसके चलते ट्रांसमिशन लॉसेस २२ प्रतिशत तक पहुंच गए। अभी तक इन लॉसेस को काबू में नहीं किया जा सका है।
इनका कहना है...
‘उदय’ योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रांसमिशन लॉसेस कम करना था। पिछले साल लॉसेस बढ़े, अब पुन: कम करने के प्रयास कर रहे हैं। रिकवरी को शत-प्रतिशत के करीब कर ली है।
- अविनाश सिंघवी, प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम
Published on:
19 Aug 2019 05:13 pm
