- रेक्सो कम्पनी ने लगा रखे हैं 72 पुरुष गार्ड, 56 होमगार्ड में से 24 महिलाएं, रात के समय 4 महिला गार्ड के जिम्मे पूरा अस्पताल

जोधपुर.
संभाग के सबसे बड़े जनाना अस्पताल राजकीय उम्मेद चिकित्सालय की सुरक्षा पुरुष गार्डों के जिम्मे हैं। गायनिक वार्डों में सुरक्षा के लिए पुरुष गार्ड लगे हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब वार्ड मेंं भर्ती किसी भी महिला मरीज के साथ पुरुष परिजन के सहयोगी रहने पर सख्त पाबंदी है, तो वार्ड में पुरुष सुरक्षा गार्डों की तैनाती कैसे व क्यों हो रही है। कई सालों से अस्पताल की सुरक्षा राजस्थान एक्स सर्विसमेन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी (रेक्सो) को सौंप रखी है।

अस्पताल में 24 घंटे तीन शिफ्ट में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। कम्पनी की ओर से तीनों पारी कुल 72 गार्ड लगा रखे हैं। इनमें एक भी महिला नहीं हैं। इसी तरह 56 होमगार्ड हैं। इनमें से 24 महिलाएं हैं। रात की शिफ्ट में केवल 4 महिला होमगार्ड की इमरजेंसी, आईसीयू, सर्जीकल वार्ड व लेबर रूम में एक-एक की ड्यूटी रहती है। इनडोर वार्ड आदि जगहों पर पुरुष गार्ड ड्यूटी पर रहते हैं।


आए दिन होते हैं झगड़े

अस्पताल में आए दिन मरीजों के परिजनों व गार्डों के बीच विवाद होता है। पुरुष गार्ड मरीज के साथ परिजन को यह कहते हुए वार्ड में प्रवेश करने से रोक देते हैं कि पुरुषों का प्रवेश वर्जित हैं। अस्पताल में रक्तदान के सेवा कार्यों से जुड़े करणसिंह राठौड़ ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को गायनिक वार्डों में लेडी गार्ड ही लगाए जाने चाहिए। राठौड़ के अनुसार अस्पताल में अधिकतर विवाद पुरुष गार्डों की ओर से मरीज के साथ आए पुरुष को रोकने को लेकर होते हैं और गार्डों का बातचीत का रवैया नरम नहीं रहता। प्रशासन व सिक्यूरिटी एजेंसी को इस ओर सुधार करना चाहिए।


इनका कहना है

हमारी कम्पनी ने सभी 72 सुरक्षा गार्ड पुरुष रखे हुए हैं। इसलिए सभी जगह पर पुरुष गार्ड लगा रखे हैं। विशेष जरूरत पड़ती है तब महिला होमगार्ड की मदद लेते हैं।
दीपसिंह, सहायक सुरक्षा अधिकारी, रेक्सो, जोधपुर

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