video आसाराम केस : जेल के अंदर भी बाहर भी, पूरे शहर पर पुलिस की नजर

अपने ही गुरुकुल की नाबालिग से यौन दुराचार के आरोपी आसाराम की किस्मत का फैसला २५ अप्रेल को होगा।

 

By: M I Zahir

Published: 24 Apr 2018, 05:00 AM IST

जोधपुर . अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार के आरोप में चार साल सात माह से जोधपुर जेल में बंद आसाराम व उसके सेवादारों को अदालत 25 अप्रेल को फैसला सुनाएगी। इस केस का फैसला होने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना आशंका के मद़देनजर पुलिस जेल के अंदर से पूरे शहर में सतर्क है। आसाराम के पाल आश्रम में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है। आश्रम पर २४ घंटे पुलिस का पहरा है। बाहर से आने वाले समर्थकों पर भी नजर रखी जा रही है। बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन और शहर में आने वाले मुख्य मार्ग पर पुलिस की निगाह है। जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर, डीसीपी अमनदीप सहित पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को जेल का दौरा कर जेल डीआईजी विक्रमसिंह से सुरक्षा व्यवस्था पर बात की। फैसले के दिन जेल के बाहर और अंदर सुरक्षाकर्मियो की जानकारी ली। इधर, शहर में किराए पर मकान लेकर रह रहे आसाराम के समर्थकों की पुलिस तलाश कर रही है, ताकि फैसले के दिन भीड़ नहीं हो।

सुबह 8 बजे जेल में प्रवेश करेंगे जज, वकील व अधिकारी

जेल डीआईजी विक्रमसिंह ने बताया कि आसाराम की सुनवाई को लेकर जेल में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दोपहर एक बजे जिला कलक्टर सुरपुर, डीसीपी अमनदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने जेल का दौरा किया। फैसले के लिए बुधवार सुबह ८ बजे जज, वकील व अन्य अधिकारी जेल में प्रवेश करेंगे। जेल में बैरक नम्बर दो के पास बने बैरक में सुनवाई शुरू हो होगी। प्रवेश होने वाले वकीलों के लिए एन्ट्री पास की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने फिलहाल मीडिया की एन्ट्री के लिए रुख स्पष्ट नहीं किया है।

...जीआरपी, रोडवेज सतर्क, रेलवे स्टेशन पर वीडियोग्राफी
इधर, पुलिस ने रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैण्ड पर सुरक्षा बढ़ा दी है। हर जगह पर वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। आसाराम आश्रम के बाहर पुलिस की दो गाडि़यां २४ घंटे पहरा दे रही हैं। जबकि अंदर अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की गई है।


शहर में आने वाले प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी

शहर में आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी की गई है। बाहर से आनी वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने सोमवार दिनभर करवड़, डांगियावास, कुड़ी, राजीवगांधी नगर सहित कई इलाकों में नाकाबंदी करवाई। नागौर, जयपुर , पाली, बाड़मेर व जैसलमेर की तरफ से आने वाले वाहनों की जांच की गई। खासतौर पर दूसरे राज्यों के वाहनों की तलाशी ली गई। बसों को भी जांच के बाद शहर में प्रवेश दिया गया। पुलिस को आशंका है कि गुजरात व मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से समर्थक आ सकते हैं। शहर में भी होटल व धर्मशालाओं में भी जांच की जा रही है।

अब तक चार पीठासीन अधिकारी कर चुके हैं सुनवाई

आसाराम मामले की अब तक चार जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनवाई कर चुके हैं। पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत चल रहे मामले में सबसे पहले जिला एवं सेशन न्यायालय न्यायाधीश मनोजकुमार शर्मा ने सुनवाई की। इसके बाद न्यायाधीश भगवान दास ने सुनवाई की। इस दौरान आसाराम की दो बार जमानत याचिका खारिज हुई।

मामला स्थानांतरित हो गया

यह मामला २३ दिसंबर २०१६ को अनुसूचित जाति जनजाति विशिष्ट न्यायालय में स्थानांतरित हो गया। जहां से यह मामला अब तक चल रहा है। दिसंबर २०१६ से फरवरी २०१७ तक न्यायाधीश मोहिता भटनागर ने मामले की सुनवाई की। गवाहों के बयान और जिरह सुनी। इस न्यायालय में मार्च २०१७ से न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने पदभार ग्रहण किया। शर्मा के समक्ष इस मामले ने गति पकड़ी और सबसे ज्यादा सुनवाई हुई। कुल १५४ सुनवाई हुई। इनमें गवाही, जिरह, बचाव पक्ष तथा अभियोजन की अंतिम बहस और प्रत्युत्तर बहस हुई। बुधवार को फैसला भी न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा सुनाएंगे।

 

 

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