gangster आनंदपाल मामले में हाईकोर्ट ने निस्तारित की याचिका, सरकार और सीबीआई ने जांच से किया इंकार

Nidhi Mishra

Publish: Nov, 15 2017 02:23:56 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India

आनंदपाल के परिजनों को निचली अदालत में मुकदमा दायर करने की दी छूट

 

आनन्दपाल की पत्नी राजकंवर की ओर से दायर याचिका को निस्तारित करते हुए हइकोर्ट ने बुधवार को याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि दुबारा जिला एवं सेशन कोर्ट चूरू के समक्ष गुहार कर सकती है। जस्टिस संदीप मेहता की अदालत में राजकंवर की याचिका पर आज सीबीआई के अधिवक्ता सचिन आचार्य ने जवाब पेश करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से भेजे गए पत्र जिसमें एफआईआर संख्या 190 2017 रतनगढ़ चूरू व एफआईआर संख्या 123 2017 दोनों को ही सीबीआई ने जांच योग्य नहीं मानते हुए अनुसंधान से इंकार कर दिया है।

हाईकोर्ट में सीबीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों ही एफआईआर पर अनुसंधान से इंकार कर दिया है। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गोरधनसिंह ने हाईकोर्ट से गुहार की कि हाईकोर्ट ही अपने स्तर पर जांच करवा दे। इस पर हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने पक्ष रखते हुए बताया कि एसओजी व पुलिस विभाग ने मामले में निष्पक्ष अनुसंधान किया है। किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती है। सुनवाई के दौरान एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाक्टर संजीव भटनागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करन शर्मा, निरीक्षक सूर्यवीर सिंह भी मौजूद रहे।

 

वहीं राजस्थान पुलिस और सरकार के लिए डेढ़ साल तक सिर दर्द बने रहे गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर को साढ़े चार महीने गुजर चुके हैं। लेकिन कोर्ट के एक आदेश ने इस बात का संशय पैदा कर दिया कि क्या आनंदपाल जिंदा है।


मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने का आदेश


मामले के अनुसार डीडवाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने राजस्थान पुलिस को आनदपाल सिंह के नाम से प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि वह मर गया है तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने का आदेश दिया।

एनकाउंटर के बाद राजस्थान पुलिस कोर्ट में आनंदपाल की मौत का प्रमाण प्रत्र प्रस्तुत करना ही भूल गई। जिससे कोर्ट ने आनन्दपाल सिंह के जुड़े विचाराधीन मामलों में उसके नाम से प्रोडक्शन वारंट जारी कर उसे पेश होने के आदेश दिए हैं।

 

यह है मामला


दरअसल डीडवाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में इन्द्रचंद अपहरण मामले को लेकर मंगलवार को अनुराधा चौधरी की पेशी होनी थी। इस मामले में साजिशकर्ता के रूप में आनन्दपाल सिंह की मुख्य भूमिका थी। इसके तहत उसे भी आरोपित बनाया गया था। पेशी के दौरान अनुराधा चौधरी को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। इस पर कोर्ट ने पुलिस को आनदपालसिंह को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए या फिर उसकी मौत का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए। अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।

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