video : नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास

न्यायालय ने छठी कक्षा में पढऩे वाली नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपए की सजा सुनाई है।

By: M I Zahir

Published: 10 Feb 2018, 09:28 AM IST

एससी-एसटी मामले के विशिष्ट न्यायालय के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने छठी कक्षा में पढऩे वाली नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक हुकमसिंह गहलोत ने अंतिम बहस के दौरान कहा कि आरोपी नरेश पंवार को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को झूठा फंसाने की दलीलें दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को आईपीसी की दफा 376(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

 

बुआ के पास सिलाई का काम करता था

मामले के अनुसार 6 जून 2013 को बासनी निवासी नाबालिग लड़की की बुआ के पास सिलाई का काम करने वाला खारिया मीठापुर गांव का नरेश पुत्र छोगाराम नाबालिग को बहला-फुसला अपनी दुकान में ले आया । आरोपी ने दुकान का शटर बंद कर छात्रा से दुष्कर्म किया।
इस दौरान पीडि़त लड़की के माता-पिता उसे ढूंढते हुए दुकान तक आए, परंतु आरोपी ने उन्हें गुमराह कर वहां से चलता कर दिया। पीडि़त लड़की रातभर दुकान में ही बंद रही। सुबह पड़ोसी दुकानदार ने उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। बासनी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट पेश की।

पुलिस जांच से असंतुष्ट हो कर सीआईडी सीबी में स्थानांतरित किया मामला
राजस्थान हाईकोर्ट ने भीलवाड़ा की जहाजपुर नगरपालिका की ओर से किए गए एक सड़क निर्माण में घोटाले को लेकर दायर एफआईआर में पुलिस जांच पर असंतोष जाहिर करते हुए इसे सीआईडी सीबी से कराने का आदेश दिया है। न्यायाधीश संदीप मेहता की अदालत में याचिका पर सुनवाई के दौरान अनुसंधान अधिकारी एएसपी नरेश चीता व पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा प्रदीप मोहन व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।

 

हाईकोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ

हालांकि सरकार की ओर से उप राजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित ने कहा कि पुलिस ने अपनी जांच निष्पक्ष रूप से की है, लेकिन हाईकोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ। दरअसल जहाजपुर नगरपालिका के वार्ड पंच खाजू खां ने एक सड़क निर्माण में पद का दुरुपयोग व निर्माण में घोटाले का आरोप लगाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष विवेक मीणा, ईओ देशराज मीणा व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

 

हाईकोर्ट में याचिका दायर

इस मामले में विवेक मीणा की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। विवेक मीणा की ओर से अधिवक्ता रमेश पुरोहित ने पक्ष रखते हुए बताया कि दरअसल कांग्रेस का अध्यक्ष होने की वजह से बेवजह परेशान कर झूठे मुकदमे बनाए जा रहे हैं। पुलिस भी निष्पक्ष अनुसंधान नही कर रही है। एएसपी नरेश चीता की जांच पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीआईडी सीबी से करवाने का आदेश दिया है।

 

 

 

 

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