Doctors Strike: राज्यभर में चिकित्सकों की गिरफ्तारी शुरू, जोधपुर में छिप गए सारे सेवारत व रेजीडेंट डॉक्टर्स

प्रदेश भर में डॉक्टर्स के घर दबिश, पुलिस कर रही गिरफ्तार

By: Nidhi Mishra Nidhi Mishra

Published: 10 Nov 2017, 02:22 PM IST

प्रदेश भर में चल रही सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के बाद शुक्रवार को एक नया ही नजारा सामने आया है। कार्य बहिष्कार के बाद गिरफ्तारी के डर से जोधपुर के सेवारत चिकित्सक और रेजिडेंट डॉक्टर अपना फोन स्विच ऑफ कर भाग छूटे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि यह डॉक्टर अपने घरों में नहीं हैं। फिलहाल ये कोई हाईवे पर हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों के पीजी हॉस्टल भी खाली हो चुके हैं। पूरे राजस्थान में पुलिस सेवारत व रेजीडेंट चिकित्सकों के घर दबिश दे रही है और गिरफ्तार कर रही है। हालांकि जोधपुर में अब तक कोई भी गिरफ्तारी होने की सूचना नहीं है।

 

बेरहम हड़ताल, सांसत में मरीजों की जान

 

सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के समर्थन में उतरे डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से गुरुवार को महात्मा गांधी अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल और उम्मेद अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था पटरी से उतर गई। हड़ताल के दौरान एमडीएम अस्पताल में 12 और एमजीएच में भी 4 मरीजों ने दम तोड़ दिया। जिसमें एमडीएम अस्पताल के जनाना विंग में एक बच्चे की मौत भी शामिल है। इसके अलावा उम्मेद अस्पताल में तीन नवजातों की मौत हुई हैं। सूत्रों के अनुसार रात में यहां तीन मौत और हुईं। जिसके बाद तीनों अस्पतालों में आंकड़ा 22 तक पहुंच गया। रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण तीनों अस्पतालों में पहले से तय ऑपरेशन टालने पड़े। आउटडोर में सुबह मरीज बड़ी संख्या में नहीं आए। अधिकतर कमरों में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रही। जहां वार्डों में मरीज भर्ती थे, वहां व्यवस्थाएं रामभरोसे नजर आई। कई जगह तो मरीजों की सारसंभाल पर्याप्त नहीं दिखी।

अस्पतालों में मरीज हुए कम

रेजीडेंट चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के बाद गुरुवार को अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम हो गई। भर्ती मरीजों को बुधवार को छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा दो दिन पहले अस्पताल में मरीज कम भर्ती करने का कार्य शुरू हो गया था। दोपहर को एमडीएम अस्पताल में सन्नाटा छाया रहा। गांधी अस्पताल में वार्ड खाली नजर आए। उम्मेद अस्पताल के शिशु रोग मरीजों को द्वितीय फ्लोर के वार्ड से प्रथम फ्लोर पर शिफ्ट किया गया।

प्लान ऑपरेशन टले

महात्मा गांधी, मथुरादास माथुर और उम्मेद अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में गुरुवार को महज इमरजेंसी ऑपरेशन किए गए। इसके अलावा प्लान ऑपरेशन टाल दिए गए। अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटरों में हर रोज करीब 100 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं। इन अस्पतालों में करीब 30 के आसपास ऑपरेशन थियेटर हैं, जो अधिकांश खाली रहे।

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