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जोधपुर के इस गांव में पेड़ों की शादी के लिए बांटे जा रहे हैं कार्ड, समारोह के लिए लगाया टेंट

पर्यावरण सुरक्षा के लिए दिखी अनोखी पहल
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wedding of trees

जोधपुर के इस गांव में पेड़ों की शादी के लिए बांटे जा रहे हैं कार्ड, समारोह के लिए लगाया टेंट

दिलावरसिंह राठौड़/बेलवा/जोधपुर. दो पेड़ों को हल्दी लगेगी, डोली सजेगी, बैंड बजेगा और बारात आएगी। क्योंकि दोनों की शादी होने जा रही है। विवाह स्थल क्षेत्र के केतु कल्ला में अजयसिंह की ढाणियों में खानुसिंह गोगादेव के आंगन में होगा। ये सारी रस्में 18 मई को अदा की जाएंगी। पीपल की शादी के लिए टेंट बुक हो चुका है और प्रीति भोज का मेन्यू भी बन गया है। अब मेहमानों व आसपास के गांवों के लोगों को बुलाने के लिए अब शादी कार्ड बांटे जा रहे हैं।

दरअसल, खानुसिंह गोगादेव के घर के आंगन में एक पीपल का पेड़ है। जिसे उन्हे रोज उन्हें पानी और सुरक्षा दी। वे उन्हें परिवार का सदस्य मानने लगे। पौधा अब बढकऱ वृक्ष बन गया हैं। खानुसिंह व उनके पुत्रों ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पेड़ की शादी कराने का फैसला किया। पेड़ों की सुरक्षा व धार्मिक महत्व का संदेश पहुंचाने के लिए इस शादी समारोह को कराने के लिए तैयार हो गए। शादी कार्ड पर ब्राह्मण द्वारा शुभ मुहूर्त व तिथि का भी अंकन किया गया है।

शादी में शामिल होने के लिए रिश्तेदारों, ग्रामीणों के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कार्ड भेजा गया है। शादी को लेकर उनके घर को पूरी तरह से रंग रोगन से तैयार कर लिया गया है। परिवार के लोग शादी के कार्ड बांट रहे है। क्षेत्र में पर्यावरण जागरुकता को लेकर गांवों में पीपल के पेड़ों की शादी करने का धार्मिक महत्व भी है।