
Within one and a half months, another Suicide in Aiims Girls Hostel
-दरवाजा न खोलने पर सहेली को आशंका हुई, पुलिस ने गेट तोड़ा तो पंखे पर लटकी मिली
-सहपाठी छात्रा की तबीयत बिगड़ी
जोधपुर.
डेढ़ माह के भीतर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Aiims) में रविवार रात एक और छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। नर्सिंग छात्रा के छात्रावास में सुसाइड की घटना से एम्स एक बार फिर हिल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गहन पड़ताल की। नर्सिंग छात्रा ने सुसाइड क्यों किया, इसका स्पष्ट कारण अभी तक पुलिस को नहीं मिला है।
कमरे से फिलहाल सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारण का पता नहीं लगा, लेकिन करीब सहेलियों से बातचीत के बाद पुलिस को प्रथम दृष्टया अंदेशा है कि लव अफेयर के चलते उसने खुद की जान दी है। मृतका का मोबाइल जब्त किया गया है। एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
शास्त्रीनगर थानाधिकारी रमेश शर्मा ने बताया कि पंजाब में चण्डीगढ़ निवासी रजनी (22) पुत्री रोहिताश धनवाल ने एम्स के छात्रावास के कमरे में आत्महत्या की। वह एम्स के नर्सिंग तृतीय वर्ष के चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सरिता सिंह व अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। वीडियो व फोटो करवाने के बाद देर रात शव को मोर्चरी में रखवाया गया। परिजन को सूचित किया गया है। जिनके जोधपुर पहुंचने पर पोस्टमार्टम होगा। रजनी के आत्महत्या करने का पता लगते ही एक सहेली बेहोश हो गई। कई अन्य छात्राएं शव देखकर रोने लगी।
पलंग पर टेबल रख पंखे पर लटकी, गेट तोड़ा
खाना खाने के लिए रात को रजनी कमरे से बाहर नहीं आई। सहेली ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसे आशंका होने लगी। छात्रावास प्रबंधन ने भी प्रयास किए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। रजनी पंखे पर चुन्नी के फंदे से लटक रही थी। पलंग पर टेबल रख वह उस पर चढ़ी और फिर उसने फंदा लगाया।
युवक ने चार दिन से नहीं की बात, इसलिए थी परेशान
पुलिस ने छात्रावास में मृतका की सहेलियों व सहपाठियों से बातचीत की। पता चला कि मृतका का किसी युवक से अफेयर था और वह चार दिन से उससे बातचीत नहीं कर रहा था। प्रथम दृष्टया आशंका है कि इसी के चलते उसने सुसाइड किया होगा। पुलिस को कमरे से मृतका का मोबाइल भी मिला है। जो लॉक है। लॉक खोलने के बाद कॉल डिटेल की जांच में कोई सुराग मिल सकता है।
डेढ़ माह में दूसरी घटना, पहले की जांच भी अधूरी
गत २६ जुलाई को अलवर में मुंडावर तहसील में सिंहाली खुर्द निवासी एमबीबीएस की छात्रा रश्मि यादव ने छात्रावास के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने चार दिन पूर्व ही एम्स में प्रवेश लिया था। सुसाइड नोट में एक शिक्षक की डांट से परेशान होकर आत्महत्या करने का उल्लेख था। उसके पिता रामनिवास यादव ने अज्ञात शिक्षक पर शास्त्रीनगर थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया था। डेढ़ महीने बाद भी पुलिस अभी तक यह पता नहीं कर पाई है कि उसने किसकी डांट से परेशान होकर आत्महत्या की थी। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है।
जोधपुर एम्स में पहले की घटनाएं--
7 जुलाई 2015 : जयपुर के फुलेरा निवासी एमबीबीएस छात्र गजेन्द्रसिंह (19) ने हॉस्टल रूम में फांसी लगाकर जान दे दी थी। तब गजेन्द्रसिंह ने मेडिकल फील्ड से मुक्ति पाने के लिए सुसाइड करना लिखा था।
- 16 दिसम्बर 2017 : एम्स हॉस्टल में बाड़मेर जिले के बायतु निवासी एमबीबीएस के तृतीय सेमेस्टर के छात्र पाबूलाल (21) ने बालकॉनी से लटककर जान दे दी थी।
-26 जुलाई2018 को अलवर निवासी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रश्मि यादव ने एम्स छात्रावास में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जबकि रश्मि यादव ने चार दिन पहले ही छात्रावास में रहने आई थी। रश्मि ने अपनी नोट बुक में सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें रश्मि ने लिखा था कि मुझसे सेल्फ रिस्पेक्ट के बिना जीया नहीं जाता, सर आने तो ज्यादा ही सुना दिया।
Published on:
10 Sept 2018 01:01 am
